May
24

स्र्व्नाग विषयपति

गुप्त काल में गणराज्यों की दशा व सर्वनाग विषयपति

Republics in Ancient Gupta Era History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur

हरिद्वार इतिहास , बिजनौर इतिहास , सहारनपुर इतिहास -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग – 218

इतिहास विद्यार्थी ::: भीष्म कुकरेती

यद्यपि गुप्त सम्राट एकाधिकार व केंद्रित शासन समर्थक थे तथापि कुछ राज्यों गणराज्य भी विद्यमान थे संभवतया इन गणराज्यों के अधिपतियों ने गुप्त सम्राटों की आधीनता स्वीकार की होगी व राजयपाल रूप में स्वतंत्र कार्य करते रहे होंगे। निम्न गणराज्य काल में कार्यरत थे -
मद्र गणराज्य – मध्य पंजाब (महाजन )
कुणिंद गणराज्य — कांगड़ा घाटी (महाजन ) संभवतया कुणिंद राजयपाल के तहत सहारनपुर , हरिद्वार बिजनौर में भी रहे हों किन्तु बुलंदशहर के इंदौर ताम्र शासन से विदित होता है कि स्कंदगुप्त काल में सर्वनाग नामक व्यक्ति अंतर्वेदी (गंगा जमुना दोआब ) का विषयपति था। अतः हरिद्वार सहारनपुर, बिजनौर पर कुणिंद राजयपाल का सिद्धांत नहीं चल सकता है। सर्वनाग ही हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर व उत्तराखंड का विषयपति रहा होगा अधिक सटीक लगता है। ( डबराल )
गोपेश्वर व बाड़ाहाट अभिलेखों से पता चलता है कि विकर्मी पांचवीं छठी सदी में कर्तृपुर पर नागवंशी स्थानीय शासक का शासन था व उत्तराखंड के श्चमी भाग व यामुन प्रदेश पर यदुवंशी नरेशों का शासन था (डबराल ) याने सर्वनाग वंश सत्य प्रतीत होता है
यौधेय – दक्षिण पूर्व पंजाब (महाजन )
अर्जुनानस -आगरा (महाजन )
प्रार्जुना – संकानिका व अभिर – मध्य देश )महाजन) 400 ईश्वी के पश्चात ये सभी गणराज्य नष्ट से हो गए थे।

संदर्भ
वी डी महाजन , अन्सियन्ट इण्डिया , पृष्ठ 525
शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास , भाग 3 , पृष्ठ 309

Copyright@ Bhishma Kukreti Mumbai, India 2018

History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur to be continued Part –

हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का आदिकाल से सन 1947 तक इतिहास to be continued -भाग -

Ancient History of Kankhal, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Har ki Paidi Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jwalapur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Telpura Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sakrauda Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bhagwanpur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Roorkee, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jhabarera Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Manglaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Laksar; Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sultanpur, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Pathri Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Landhaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bahdarabad, Uttarakhand ; Haridwar; History of Narsan Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bijnor; seohara , Bijnor History Ancient History of Nazibabad Bijnor ; Ancient History of Saharanpur; Ancient History of Nakur , Saharanpur; Ancient History of Deoband, Saharanpur; Ancient History of Badhsharbaugh , Saharanpur; Ancient Saharanpur History, Ancient Bijnor History;
कनखल , हरिद्वार इतिहास ; तेलपुरा , हरिद्वार इतिहास ; सकरौदा , हरिद्वार इतिहास ; भगवानपुर , हरिद्वार इतिहास ;रुड़की ,हरिद्वार इतिहास ; झाब्रेरा हरिद्वार इतिहास ; मंगलौर हरिद्वार इतिहास ;लक्सर हरिद्वार इतिहास ;सुल्तानपुर ,हरिद्वार इतिहास ;पाथरी , हरिद्वार इतिहास ; बहदराबाद , हरिद्वार इतिहास ; लंढौर , हरिद्वार इतिहास ;ससेवहारा बिजनौर , बिजनौर इतिहास; नगीना , बिजनौर इतिहास; नजीबाबाद , नूरपुर , बिजनौर इतिहास;सहारनपुर इतिहास; देवबंद सहारनपुर इतिहास , बेहत सहारनपुर इतिहास , नकुर सहरानपुर इतिहास Haridwar Itihas, Bijnor Itihas, Saharanpur Itihas

May
24

उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु वैकल्पिक चिकित्सा ही विकल्प

-वैकल्पिक चिकित्सा ही उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म हेतु विकल्प है

Complmentary and Alternative Therepies is the game for n Uttarakhand Medical Tourism

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन ( रणनीति ) 99

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand ( Strategies ) – 99

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series–201 )
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग 201

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

विद्यमान वैश्विक व्यापारिक काल में उत्तराखंड के सदूर गाँव के वैद्य से विश्व का कोई अन्य वैद्य प्रतियोगिता करता रहता है। उत्तराखंड के पारम्परिक पर्यटन -धार्मिक व पहाड़ पर्यटन को एक सहयोगी पर्यटन की शक्त आवश्यकता है और वह पर्यटन है – मेडिकल टूरिज्म।
मेडिकल टूरिज्म में ऐलोपैथिक टूरिज्म सर्वोत्तम टूरिज्म है किंतु दिल्ली व अन्य शहरों में वर्तमान विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उत्तराखंड प्रतियोगिता नहीं कर सकता है। तो उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु ‘वैकल्पिक चिकित्सा ही सर्वोत्तम विकल्प है।
कुछ वैकल्पिक चिकित्साओं का निम्न लिस्ट है -
आयुर्वेदिक चिकित्सा
योग चिकित्सा
प्राकृतिक चिकित्सा
मृदा चिकित्सा
हर्बल या पादप जैसे पत्ती चिकित्सा या हर्बल स्नान चिकित्सा , जैसे कंडाळी झपांग चिकित्सा
जल चिकित्सा
एक्यूप्रेसर चिकित्सा
अक्युपंचर चिकित्सा
तिब्बती /भोटिया चिकित्सा
ध्वनि या संगीत चिकित्सा
फल चिकित्सा
सिरोवस्ठी चिकित्सा
मुट्टु (जोड़ों के दर्द हेतु ) चिकित्सा
सर्वकम अभ्यंगम – तरोताजा चिकित्सा
आध्यात्मिक चिकित्सा जैसे विपासना , विज्ञानं भैरव आधारित चिकित्सा
खिलाड़ियों हेतु आध्यात्मिक चिकित्सा
अन्य कर्मकांड आधारित चिकित्साएं
उपरोक्त चिकित्साओं हेतु भी उत्तराखंड शासन व समाज को कई कार्य करने होंगे जिनकी चर्चा आगामी अध्याओं में की जायेगी

Copyright @ Bhishma Kukreti 24/5 //2018
संदर्भ

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

24

May
23

मेद्क्ल टूरिस्टों की कुछ जानकारियाँ

मेडिकल टूरिज्म के ग्राहकों के बारे में ममहत्वपुर्ण जानकारियां –
Same Facts about Medical Tourism

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन ( रणनीति ) 98

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand ( Strategies ) – 98

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series–200)
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग -200

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

मेडिकल टूरिज्म असोसिएसन ने अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं हैं -

64 % रोगियों के पास हेल्थ इनसुएरेन्स नहीं होता
83 % ग्राहक अपने एक साथी के साथ रोग निदान हेतु पर्यटन करते हैं
33 % रोगी कॉस्मेटिक सर्जरी हेतु पर्यटन करते पाए गए हैं
90 % रोगियों के साथी अन्य पर्यटन कार्यों में समय व्यतीत करते हैं।
अधिकांश अमेरिकी मेडकल टूरिस्टों का मानना है बल उन्हें विदेशों में अमेरिका से अधिक व्यक्तिगत महत्व मिलता है
80 % रोगी विदेशों में कम लागत के कारण ही विदेशों में चिकित्सा करवाते हैं
कई रोगी उच्च तकनीक से सुसज्जित चिकित्सालयों के कारण ही विदेशों में चिकित्सा करवाते हैं -बगलादेश व पाकिस्तान व अफ़्रीकी नागरिक भारत में चिकित्सा पर्यटन उच्च तकनीक उपलब्धि के कारण ही पर्यटन करते है।
बहुत से विदेशियों का व्यय होटल व्यय व हॉस्पिटल व्यय में कोई विशेष अंतर् नहीं होता है।
रोग निदान के बाद जाते समय रोगी खूब खरीदी भी करते हैं

Copyright @ Bhishma Kukreti 23/5 //2018
संदर्भ

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

उत्तराखंड का सीधा मुकाबला दिल्ली से है

May
22

Medical Tourism and Health and Wellness Tourism in Stone age in India

Medical Tourism and Health and Wellness Tourism in Stone age in India
History of Medical, health and Wellness Tourism in India, South Asia -2
By: Bhishma Kukreti (Medical Tourism Historian)
Homo erectus lived on the upper Pathohar in Upper Punjab, Pakistan and during Pleistocene epoch, historians found sites in Shivalic region (Kennedy)
Homo Sapiens lived in India before 75000 and 50000 years BCE (Chauhan et al ).
Mehrgarh civilization and Medical tourism
The Medical Tourism historians have to analyze medical tourism from the angles of those time people and not from today’s angle. Then the diseases, occupation, communication and administration style was totally different than the present.
There was Mehargarh civilization in Baluchistan from 7000-2000 BCE. Mehrgarh civilization is thought precursor of Indus Valley civilization.
The civilization was using mud utensils, houses, and copper utensils too. It was food growing civilization (barley) Pottery was common. Burial was individual and in mass too.
Dentists and dental Drilling in Stone Age
Historians and scientists found teeth drills . Amitabh Avashthi wrote for National geographic news (Http://nationalgeographic.com//news/2006/4//0405_060405 (site found on 22nd my 2018) that archeologists found and “9000 year old drilled teeth are works of stone age dentists”. Amitabh further informed that Anthropologist Clark Spencer of Ohio University cleared that there were proofs of earlier people had knowledge of manipulation of dental hard tissues in living people. Scientists found 11 teeth in a grave yard that have been drilled and including one that had gone to complex drilling procedure for hollowing out a cavity deep inside the teeth.
Scientists suggested that it was sophisticated drilling and machines and was for medical pupose and not for any aesthetic purpose.
Scientists suggested that the drill would have been of flint similar but smaller than used for fire generation. Scientists suggested that the teeth drilling fashion existed for 1500 and suddenly disappeared 7000 years ago. Perhaps due to pain in drilling for manipulation the hard tissue was one reasons for discontinuation of the technology. Scientists of University of Poitiers made the discoveries.
Sign of Medical tourism (Dental Drilling)
The above discovery clearly suggests that the region was famous for dental clinics as the same fashioned drilled teeth were not found other places. The population was estimated 2500 around Mehargarh site at that time. There were expert (bead craftsmen) in making drill and bow and rope and dentists were sophisticated dentists in drilling the teeth cavity of living persons. . Since, scientists did not get such bow drill elsewhere, it is evident (strong indication) that Mehargarh of 7000 BCE was dentary hub for patients visiting Mehrgarh from other places. The people from nearby area might be visiting the dentists for teeth cure. Whether the teeth drillers were charging to patient or is not known. If at all dentists were charging to the patients it would be barter system nly. There are no indications that those teeth drillers were also expert for other dental problems. Since, Specialization in curing patients came in existence in the modern age , this author is of strong opinion that the teeth drillers of stone age in Baluchistan were also knowing other dental cure too and most probably herbal medicines.
The Mehrgarh civilization showed the first evidence of Medical tourism in India. Definitely, it was craft medical tourism industry from today’s point of view.
References
Kennedy, A. R, 2000, God Apes and Fossils Men Paleoanthropology of South Asia Ann Arb , University of Michigan Press
Copyright @ Bhishma Kukreti , 21/5/2018
History of Medical, health and Wellness Tourism in India will be continued in – 2
History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , North India , South Asia;, History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , South India; South Asia, History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , East India, History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , West India, South Asia; History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , Central India, South Asia; ; History of Medical, health and Wellness Tourism in India , North East India , South Asia; History of Medical, health and Wellness Tourism in India , Bangladesh , South Asia; History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India, Pakistan , South Asia; History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , Myanmar, South Asia; ; History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , Afghanistan , South Asia ; ; History of Medical, health and Wellness Tourism in Stone age in India , Baluchistan, South Asia, to be continued

May
22

गुप्त सम्राट प्रशासन

गुप्त काल का प्रशासनिक चरित्र और हरिद्वार , बिजनौर और सहारनपुर इतिहास

Characteristics of Ancient Gupta Era History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur

हरिद्वार इतिहास , बिजनौर इतिहास , सहारनपुर इतिहास -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग – 217

इतिहास विद्यार्थी ::: भीष्म कुकरेती

अपराधियों के साथ राज्य व्यवहार
गुप्त काल में अपराधियों को मृत्यु दंड नहीं दिया जाता था अपितु आर्थिक दंड दिया जाता था। फा शीन अनुसार राज्य में जिव हत्या नहीं होती थी। मदिरा , लहसुन , प्याज भी वर्जित था।
सम्राट
राजा के शरीर रक्षकों को निश्चित वेतन मिलता था राजा देश भर में घूमता था दांडिन अनुसार राज्य में योजना बनती थी। ऊर्जावान राजा के मंत्री सलाहकार थे। गुप्त सम्राटों के मंत्रिमंडल में राजकुमार , कुलीन मंत्री होते थे। मंत्रिमंडल ही उत्तराधिकारी का चुनाव भी करते थे। सूबेदार /राजयपाल सूबे के रक्षक थे।
अधिकाँश सम्राट जीवनकाल में ही अपने उत्तराधिकारी चुन लेते थे। यह नीति हर्ष काल तक भी विद्यमान रही थी।
कई सौ प्रशासनिक अधिकारी गुप्त राज्य में कार्य करते थे उन्हें राजपुरुष , राजनायक , राजपुत्र या राजामात्य , महासामंत , म्हाकुमार आमात्य , महाप्रतिहारा , कंचुकी , अजनासन चरिकास आदि पद नाम दिए जाते थे।

( वी डी महाजन ,ऐनसियंट इण्डिया पृष्ठ 527 )

Copyright@ Bhishma Kukreti Mumbai, India 2018

History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur to be continued Part –

हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का आदिकाल से सन 1947 तक इतिहास to be continued -भाग -

Ancient History of Kankhal, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Har ki Paidi Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jwalapur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Telpura Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sakrauda Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bhagwanpur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Roorkee, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jhabarera Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Manglaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Laksar; Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sultanpur, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Pathri Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Landhaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bahdarabad, Uttarakhand ; Haridwar; History of Narsan Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bijnor; seohara , Bijnor History Ancient History of Nazibabad Bijnor ; Ancient History of Saharanpur; Ancient History of Nakur , Saharanpur; Ancient History of Deoband, Saharanpur; Ancient History of Badhsharbaugh , Saharanpur; Ancient Saharanpur History, Ancient Bijnor History;
कनखल , हरिद्वार इतिहास ; तेलपुरा , हरिद्वार इतिहास ; सकरौदा , हरिद्वार इतिहास ; भगवानपुर , हरिद्वार इतिहास ;रुड़की ,हरिद्वार इतिहास ; झाब्रेरा हरिद्वार इतिहास ; मंगलौर हरिद्वार इतिहास ;लक्सर हरिद्वार इतिहास ;सुल्तानपुर ,हरिद्वार इतिहास ;पाथरी , हरिद्वार इतिहास ; बहदराबाद , हरिद्वार इतिहास ; लंढौर , हरिद्वार इतिहास ;ससेवहारा बिजनौर , बिजनौर इतिहास; नगीना , बिजनौर इतिहास; नजीबाबाद , नूरपुर , बिजनौर इतिहास;सहारनपुर इतिहास; देवबंद सहारनपुर इतिहास , बेहत सहारनपुर इतिहास , नकुर सहरानपुर इतिहास Haridwar Itihas, Bijnor Itihas, Saharanpur Itihas

Older posts «

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.