«

»

Aug
19

(No title)

Best Harmless Garhwali Literature Humor ; Garhwali Literature Comedy Skits ; Garhwali Literature Satire ; Garhwali Wit Literature ; Garhwali Sarcasm Literature ; Garhwali Skits Literature ; Garhwali Vyangya ; Garhwali Hasya

तपस्वनी माँ सूपनखा 6 घंटा पुलिस स्टेसन मा क्या करणि राई ?

चबोड़ , चखन्यौ , चचराट ::: भीष्म कुकरेती

तपस्वनी माँ सूपनखा का भक्त , तपस्वनी माँ सूपनखा का विरोधी अर सरा पत्रकारिता जगत इख तक कि अर्णव गोस्वामी तैं बि अबि तक पता नि चौल कि ब्याळि पुलिस तपस्वनी माँ सूपनखा तैं पूछताछौ कुण लीगी छै अर माँ सूपनखा तैं 6 घंटा स्टेसन मा रखे गे। पर ना तो विश्वस्त सूत्रों तै पता चल कि तपस्वनी माँ सूपनखा से पुलिसन 6 घंटौं तक क्या बात कार अर सूपनखा का कथगा राज पुलिसौ हाथ लग। बस पिलिस हेड क्वार्टर से एक प्रेस रिलीज ह्वे कि तपस्वनी माँ सूपनखा पुलिस के साथ सहयोग कर रही है।

जन कि आजकल भौत सा धर्मगुरु कै ना कै व्यभिचार मा फंसणा छन अर टीवी चैनलों मा 12 घंटा तक ब्रेकिंग न्यूज आइटम बणना छन त उनि परसि अर ब्याळि माँ सूपनखा टीवी चैनलूं टीआरपी बढाणी राई। परसि टीवी वळुन 12 घंटा तक ब्रेकिंग न्यूज दे कि भोळ तपस्वनी माँ सूपनखा पुलिस स्टेसन जाली। ब्याळि 3 घन्टौं टीवी चैनेल दर्शकुं तै खिजाणा रैन कि सूपनखा पुलिस स्टेसन जाली , फिर 6 घन्टौं तक टीवी वळु रट लगीं राई कि माँ सूपनखा पुलिस स्टेसन मा च अर कै तै कुछ पता नि चलणु च कि स्टेसनम क्या हूणु च। फिर अगला तीन घंटा टीवी चैनलों मा बकबास ह्वे कि पुलिसन तपस्वनी माँ सूपनखा से पूछताछ कार। सरा भारत मा तपस्वनी समर्थक , विरोधी अर तमसगीर सार लग्यां छया कि क्वी ना क्वी टीवी चैनेल तो बताल कि भितर ह्वे। पर आसाराम बापू की सौं , राधे माँ की कसम और सोनू निगम की सौगंध कै तैं कुछ पता नि चल कि भितर पुलिसन तपस्वनी माँ सूपनखा तै क्या पूछ अर माँ सूपनखान अपणि क्या क्या पोल ख्वाल ? तपस्वनी माँ सूपनखा पर आम घर्मगुरु -गुरयाण्यूं पर लगण वाळ अपराध जन कि धोखाधड़ी , भक्तु दगड व्यभिचार , अमानत मा खयानत अपराध लग्यां छन। माँ

म्यार मुहल्ला का दादा छुर्रा कळगी बि ब्याळि पुलिस स्टेसन मा भर्ती छौ तो वैन अपण कंदुड़ु सुण्यु अर दूसरौ आंख्युंन दिख्युं सब हाल बताई।

तपस्वनी माँ सूपनखा नंग पुड़ैक भक्तों तै आशीर्वाद दींदी। नंग कख पुड्यांदि यो भक्त या भक्तिणि पाप पर निर्भर करद।

पुलिस स्टेसनौ बंद कमरा मा पैल एकैक करिक पचासेक हवलदार माँ सूपनखा से पूछताछ करणो गेन। माँ तो माँ च वींन द्रवित ह्वेक हरेक हवलदार का शरीर पर नंग पुड़ैक आशीर्वाद दे।

एक हवलदारन प्रार्थना कार – माँ म्यार तबादला धरावी पुलिस स्टेसन मा ह्वाल कि ना ?

तपस्वनिन वै हवलदार तै घूर अर इन जगा नंग पुड़ैन जखाकी आसा वै तै सुपिन मा बि नि छे। हवलदार समझी गे कि माँ न आशीर्वाद दे आल अर अब छै मैना का भितर भीतर अवश्य वैको तबादला कमाई को सबसे बड़ो अड्डा धरावी पुलिस स्टेसन ह्वे जालो।

हवलदारुं बाद आशीर्वाद लीणो सब इंस्पेक्टरुं बारी आई। माँन हरेक पर नंग पुड़ैन।

एक सब इन्स्पेटरन ब्वाल -माँ ! मि छुट मुट गुंडों का मुखबिर ही रै ग्यों। क्या कबि में पर दाऊद गैंग की नजर बि पोड़लि ? जांसे मि ऊँ तै सूचना देकि कुछ हौर ज्यादा कमै सकुं ?

माँन नंग पुड़ैक भक्त तै आशीर्वाद दे।

बड़ा ऑफिसरों नंबर सबसे बाद मा आई। माँन हरेक पर जगा या कुजगा नंग पुडैन अर आशीर्वाद दे।

सबसे बड़ो अधिकारीन आशीर्वाद मांग – माँ म्यार रिटायरमेंट कुण सिर्फ छै मैना रयाँ छन। मि रिटायरमेंट विधायक बाद बण जौल कि ना ? माँन अधिकारीक जगा जगा नंग पुड़ैन याने अधिकारी रिायरमेंट बाद विधायक अवश्य बौणल।

सरकारी वकील पर बि माँन नंग पुडैन। वकील साब की इच्छा जज बणनै की छै ।

अंत माँ माँ से आशीर्वाद लीणो कुण क्षेत्र कु सबसे बड़ो गुंडा बड़ा छतरी आई। माँन बीस जगा नंग पुड़ैक बड़ा छतरी तै अक्खा मुंबई पर राज करणो आशीर्वाद दे।

इन मा आशीर्वाद दींद दींद माँ सूपनखा तै 6 घंटा लग गेन। आधिकारिक रूप मा पूछताछ का तो पता नी पर सब पुलिस वाळ खुस छया कि वूं तैं माँन मनवांछित आशीर्वाद दे।

19/8 /15 ,Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India
*लेख की घटनाएँ , स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में कथाएँ , चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने हेतु उपयोग किये गए हैं।
Best of Garhwali Humor Literature in Garhwali Language ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language Literature ; Best of Uttarakhand Wit in Garhwali Language Literature ; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language Literature ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language Literature ; Best of Ridicule in Garhwali Language Literature ; Best of Mockery in Garhwali Language Literature ; Best of Send-up in Garhwali Language Literature ; Best of Disdain in Garhwali Language Literature ; Best of Hilarity in Garhwali Language Literature ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language Literature ; Best of Garhwali Humor in Garhwali Language Literature from Pauri Garhwal ; Best of Himalayan Satire Literature in Garhwali Language from Rudraprayag Garhwal ; Best of Uttarakhand Wit in Garhwali Language from Chamoli Garhwal ; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language from Tehri Garhwal ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language from Uttarkashi Garhwal ; Best of Ridicule in Garhwali Language from Bhabhar Garhwal ; Best of Mockery in Garhwali Language from Lansdowne Garhwal ; Best of Hilarity in Garhwali Language from Kotdwara Garhwal ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language from Haridwar ;
Garhwali Vyangya ; Garhwali Hasya ; Garhwali skits ; Garhwali short Skits , Garhwali Comedy Skits , Humorous Skits in Garhwali , Wit Garhwali Skits

स्वच्छ भारत , स्वच्छ भारत , बुद्धिमान भारत!

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.