Category Archive: Uttarakhand Stories

Nov
01

अपण धरोहर अपण कोशिश: Aipan (उत्तराखंड की लोककला- ऐपण)

Aipan

हमारी उत्तराखंडी संस्कृति में विभिन्न प्रकार की लोक कलाएं मौजूद है। उन्ही में से एक प्रमुख कला “ऐपण” भी है। उत्तराखंड की स्थानीय चित्रकला की शैली को ऐपण के रूप में जाना जाता है। मुख्यतया ऐपण उत्तराखंड में शुभ अवसरों पर बनायीं जाने वाली रंगोली है। ऐपण कई तरह के डिजायनों से पूर्ण किया जाता …

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Sep
27

अपण धरोहर अपण कोशिश: The God of Justice “Golu Devta” (गोलू देवता)

Golu Devta

एक बार चम्पावत के राजा झालुराई ने संतान सुख के लिये भैरव पूजा का आयोजन किया और भगवान भैरव को प्रसन्न करने का प्रयास किया। एक दिन स्वप्न मैं भैरव ने इन्हे दर्शन दिए और कहा – तुम्हारे भाग्य मैं संतान सुख नही है – मैं तुझ पर कृपा कर के स्वयं तेरे घर मैं …

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Sep
24

बागनाथ का वरदान(भाग-12)

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आभार : पुष्कर पुष्प/शैलाभ रावत कत्यूरों की अपनी अलग परम्पराएं थीं । वे लोग अपने कुलगुरु को सर्वश्रेष्ठ मानते थे । आन के लिए जान देने को तैयार रहते थे ।मालूशाही महल से निकलकर सीधे कुलगुरु के धुनें पर पहुंचा । उसने कुलगुरु को अपने माता-पिता के वचन,राजुला के बैराठ आने की कहानी और कत्यूरों …

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Sep
24

बागनाथ का वरदान (भाग-10)

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आभार : पुष्कर पुष्प/शैलाभ रावत सुबह को जब मेहर भाइयुं को पता चला कि राजुला में खाना नहीं खाया है तो वे समझ गए की उसके मन से मालू की याद निकालना आसान नहीं है । सोच विचारकर उन्होंने फैसला किया कि राजुला राह पर तभी आ सकती है जब उससे शादी कर ली जाय …

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Sep
24

बागनाथ का वरदान (भाग-11)

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आभार : पुष्कर पुष्प/शैलाभ रावत वह अपने प्रिय के द्वार तक पहुँच चुकी है यह सोचकर राजुला को रोमांच हो आया । वह ठण्ड की परवाह न करके कत्युरों के महल की ओर बढ़ गयी । राजुला की आंखें अपने प्रिय को देखने के लिए तरस रहीं थीं । वह जल्दी से मालू के पास …

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