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Apr
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चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य हरिद्वार, सहारनपुर, बिजनोर इतिहास

चन्द्रगुप्त II विक्रमादित्य शासन में हरिद्वार , बिजनौर , सहारनपुर -खंड -1

Chandragupta Vikramaditya and Ancient Gupta Era History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur

हरिद्वार इतिहास , बिजनौर इतिहास , सहारनपुर इतिहास -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग – 208

इतिहास विद्यार्थी ::: भीष्म कुकरेती

रामगुप्त के बारे में विशाखदत्त कृत देवचन्द्रगुप्त नाटक व दुर्जनपुर (विदिशा , मध्य पदेश ) अभिलेख से कुछ विवरण मिलता है। इसके अतिरिक्त वहीं रामगुप्त की मुद्राएं भी मिली है. रामगुप्त ने महराजधिराज विरुद धारण किया था
चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य (380 -415 CE )
चन्द्रगुप्त रामगुप्त का लघु भ्राता था। चन्द्रगुप्त ने विक्रमादित्य विरुद धारण किया था। इलाहाबाद अभिलेख अनुसार चन्द्रगुप्त की एक पत्नी कुबेरनामा दक्षिण के किसी नाग नरेश की राजकुमारी थी। इस रानी की पुत्री का विवाह प्रभावती का विवाह वाकाटक नरेश रुद्रसेन से हुआ था। व नाटक अनुसार दूसरी पत्नी ध्रुवस्वामिनी थी जिसके कुमारगुप्त व गोविन्दगुप्त थे।
शक विजय यात्रा
यद्यपि वासुदेव मृत्यु के पश्चात कुषाण वंश की समाप्ति हो चुकी थी किन्तु सौराष्ट्र गुजरात व मालव पर शक नरेशों का अधिपत्य तब भी था। चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने इन अधिपतियों का उत्पाटन किया व सौराष्ट्र व मालव को होने शासन में मिला लिया। पश्चिम भारत जीतने के बाद चन्द्रगुप्त ने ‘शकारि ‘ विरुद धारण किया
उज्जयनी राजधानी
पश्चिम भारत पर सबल प्रभुत्व रखने हेतु चन्द्रगुप्त ने अपनी राजधानी उज्जयनी को बना लिया था। उज्जयनी का उल्लेख चन्द्रगुप्त अथवा कुमारगुप्त कालीन भाण ‘पादतडितम ‘ में भी मिलता है।

सप्त सिंधु विजय
दिल्ली के कुतुबमीनार निकट लौह स्तम्भ से ंदाज लगता है पश्चिम भारत अधिपत्य के बाद चन्द्रगुप्त ने सिंधु के सातों मुखों को पार कर वाह्विकों को परास्त किया।
दिल्ली का लौह स्तम्भ
ऐसा अनुमान है कि दिल्ली का लौह स्तम्भ चन्द्रगुप्त ने बनवाया था और निर्माण कार्य हेतु गढ़वाल के शिल्पकारों ने किया था (वासुदेव उपाध्याय , गुप्त साम्राज्य का इतिहास प्रथम भाग पृष्ठ -85 )

(चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य -शेष अगले भाग में )

Copyright@ Bhishma Kukreti Mumbai, India 2018

History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur to be continued Part –

हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का आदिकाल से सन 1947 तक इतिहास to be continued -भाग -

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