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Jul
05

इमली वृक्ष वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

इमली वृक्ष वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

Tamarind Tree Plantation for Medical Tourism Development

औषधि पादप वनीकरण -31
Medicinal Plant Community Forestation -31
उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन रणनीति -133
Medical Tourism Development Strategies -133
उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 236
Uttarakhand Tourism and Hospitality Management – 236

आलेख : भीष्म कुकरेती ( विपणन आचार्य )

लैटिन नाम -Tamarindus indica
संस्कृत /आयुर्वेद नाम – चिंच , चिंचिका
सामान्य नाम – इमली
आर्थिक उपयोग
चटनी , साम्भर , सूंटिया आदि भोज्य पदार्थ
लकड़ी – ताकतवर , फंगस प्रतिरोधक
चारा किन्तु लौंफ कर नहीं काटा जाता फूल प्रजनन पर प्रभाव पड़ जाता है
टेनिन रंग
बीज तेल
—–औषधि उपयोग —

पादप अंग जो औषधि में उपयोग होते हैं
फल
बीज
तेल

रोग निदान उपयोग
कफ, गले की खरास
जोड़ों का दर्द व सूजन निवारक
पत्ती भष्म जले व घावों में उपयोग
दस्त
बुखार
स्कर्वी , विटामिन सी युक्त
बाजार में उपलब्ध औषधि
पंचमाला थाइलम
शंख बटी
गार्सिनिया
पादप वर्णन
समुद्र तल से भूमि ऊंचाई – 0 -1500 मीटर , अल्पाइन छोड़कर उष्ण कटबंधीय के सभी क्षेत्रों में उग सकता है, बर्फ व ओस संवेदंनशील
तापमान -सभी तरह के किन्तु शीत सहन नहीं कर सकता , 20 -33 C
वांछित जलवायु वर्णन -
वांछित वर्षा mm – 350 -2700
वृक्ष ऊंचाई मीटर -12 से 30 , , 300 वर्ष तक जिन्दा रह सकता है
तना गोलाई मीटर – 1 -2 करीब वृक्ष पर निर्भर
छाल – पतली , पर खुरदरी भूरा सफेद सिलेटी
टहनी – आम लेग्यूम वृक्षों जैसी , वृक्ष ऊपर छटा जैसा घना
पत्तियां
पत्तियां आकार , लम्बाई X चौड़ाई mcm और विशेषता – जटिल ,, 10 -18 जोड़े अलटरनेटली , 32 x 10 x 3
फूल – छोटी घंटी
फूल रंग – पीत -गुलाबी आकर्षक
टांटी /फली फल रंग – हरे किन्तु पकने पर भूरा
आकार व विशेषता – लम्बा , 10 cm से लम्बा , अंदर गुदा
बीज /गुठली विशेषता, आकार , रंग – टांटी के अंदर -6 -12 बीज
फूल आने का समय – पत्ती झड़ने उपरान्त
फल पकने का समय – जब टांटी सूखने लगे
बीज निकालने का समय – कभी भी , बीज कई महीने अंकुरण लायक रहते हैं , बीज भूरे कुछ चपटे , कड़क छाल युक्त
बीज/गुठली कितने समय तक अंकुरण हेतु क्रियाशील हो सकते हैं – कई महीनों तक

संक्षिप्त कृषिकरण विधि -
बांछित मिट्टी प्रकार pH आदि -लगभग सभी प्रकार की मिट्टी , दलदल नापसंद , pH 4 5 -9 तक
वांछित तापमान विवरण – 20 -33 सेल्सियस
बीज बोन का समय – बीजों को मंतत जल में दो 24 घंटे तक रखा जाता है जब तक छल कमजोर न पड़ जाय
नरसरी में बोते समय बीज अंतर – 12 -13 मीटर , कॉमर्शियल 5 -10 मीटर
मिटटी में बीज कितने गहरे डालने चाहिए – 5 /10 cm गहराई
नरसरी में अंकुर रोपण अंतर- 12 -13 मीटर या 5 -10 मीटर
बीज बोन के बाद सिचाई क्रम – सपताह में कम से कम एक बार जलवायु अनुसार शुरुवात में पौधा बनने के बाद कम
अंकुरण समय – 7 -15 दिन
रोपण हेतु गड्ढे मीटर x x जड़ों की लम्बाई से तीन गुना गहरा व चौड़ा
रोपण बाद सिचाई – जलवायु अनुसार , शुरवात में काला गोबर
नरसरी स्थान छायादार या धुपेली – धुपेली
क्या कलम से वृक्ष लग सकते हैं ? हाँ , कलम एयर लेयरिंग अधिक कारगर व व्यस्क्ता शीघ्र प्राप्त करते हैं
क्या वनों में सीधे बीज या पके फल छिड़के जा सकते हैं ?- भिगोये बीजों को छिड़का जा सकता है , उष्ण कटबंधीय वनों में
वयस्कता समय वर्ष -7

यह लेख औषधि पादप कृषिकरण /वनीकरण हेतु जागरण हेतु लिखा गया है अतः विशषज्ञों , कृषि विद्यालय व कृषि विभाग की राय अवश्य लें

कृपया इस लेख का प्रिंट आउट ग्राम प्रधान व पंचायत को अवश्य दें

Copyright@ Bhishma Kukreti , 2018 , kukretibhishma@gmail.com

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