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Jul
08

ढाक /पलाश वृक्ष वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

ढाक /पलाश वृक्ष वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

Bastard Teak , Palasha Dhak Teak Tree Plantation for Medical Tourism Development

औषधि पादप वनीकरण -34
Medicinal Plant Community Forestation -34
उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन रणनीति 136
Medical Tourism Development Strategies -136
उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 240
Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -240

आलेख : भीष्म कुकरेती ( विपणन आचार्य )

लैटिन नाम – Butea monosperma
संस्कृत /आयुर्वेद नाम -पलास
सामान्य नाम – ढाक , पलाश
आर्थिक उपयोग
धार्मिक
रंग
लकड़ी
गोंद
पत्तल

—–औषधि उपयोग —

रोग व पादप अंग जो औषधि में उपयोग होते हैं

जड़ें
जड़ छाल -श्लीपद

छाल
छाल रस -रक्तपित
त्वचा भष्म -गुल्म प्लीहा

फूल
फूल रस -रक्ताभिष्यन्द उपचार
पुष्प रस -रतौंधी उपचार

फल
गूदा -अतिसार

बीज
क्वाथ – कृमिरोग
बीज आरक -बृश्चिक दंश उपचार
त्वचा रोग उपचार आदि
कई औषधियों हेतु अवयव
बाजार में उपलब्ध औषधि
कमरकश गोंद

पादप वर्णन
धीरे धीरे बढ़ने वाला वृक्ष , सूखा सहनशील
समुद्र तल से भूमि ऊंचाई – तकरीबन भारत में हर जगह 1500 मीटर तक
तापमान – 4 -49 डिग्री c
वांछित जलवायु वर्णन -
वांछित वर्षा mm- 450 -4500
वृक्ष ऊंचाई मीटर -15 , छाया दाता
तना गोलाई -20 -40 cm
छाल -राख रंग
टहनी
पत्तियां – तीन समूह
पत्तियां आकार , लम्बाई X चौड़ाई cm और विशेषता – 7 5 x 20
फूल आकार व विशेषता – टहनी के ऊपर
फूल रंग -लाल अति आकर्षक
फल रंग – हरा से भूरा पकने पर , टांटी /फली
फल आकार व विशेषता – फली , 4 से 6 cm
बीज /गुठली विशेषता, आकार , रंग – फली के अंदर चपटे अंडाकार 3 cm लम्बे
फूल आने का समय – वसंत
फल पकने का समय -ग्रीष्म
बीज निकालने का समय – पत्तियां आने से पहले
बीज/गुठली कितने समय तक अंकुरण हेतु क्रियाशील हो सकते हैं – २ साल

संक्षिप्त कृषिकरण विधि -
बांछित मिट्टी प्रकार pH आदि – 6 -7 , बलुई -दुम्मट
वांछित तापमान विवरण – धुपेली
बीज बोन का समय – अप्रैल
नरसरी में बोते समय बीज अंतर – 20 -30 cm और पँक्ति 3 -5 मीटर के अंतर् में
मिटटी में बीज कितने गहरे डालने चाहिए – cm गहराई , बीजों को 24 घंटे भिगोये जाते हैं
नरसरी में अंकुर रोपण अंतर- अंकुरण के पांच छह सप्ताह बाद
बीज बोन के बाद सिचाई क्रम -
अंकुरण समय – 10 -12 दिन का चार सप्ताह में पूरा ,
सामन्यतः अंकुरण प्रतिशत -63
रोपण हेतु गड्ढे मीटर 1 x 1 x 1 , गड्ढों की दूरी 3 -5 मीटर
रोपण बाद सिचाई – सामन्य
नरसरी स्थान छायादार या धुपेली -
क्या कलम से वृक्ष लग सकते हैं ? हाँ
क्या वनों में सीधे बीज या पके फल छिड़के जा सकते हैं ? हाँ , भिगोये बीजों को हयूमस युक्त वनों में फेंका जा सकता है , किन्तु चरान व चिड़ियों से बचाना आवश्यक
वयस्कता समय वर्ष -

यह लेख औषधि पादप कृषिकरण /वनीकरण हेतु जागरण हेतु लिखा गया है अतः विशषज्ञों , कृषि विद्यालय व कृषि विभाग की राय अवश्य लें

कृपया इस लेख का प्रिंट आउट ग्राम प्रधान व पंचायत को अवश्य दें

Copyright@ Bhishma Kukreti , 2018 , kukretibhishma@gmail.com

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