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Jul
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डैंकण : एक उपेक्षित महत्वपूर्ण औषधि पादप

डैंकण : एक उपेक्षित महत्वपूर्ण औषधि पादप
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डैंकण वृक्ष वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

Pride of India , Bakayan Tree Plantation for Medical Tourism Development

औषधि पादप वनीकरण -36
Medicinal Plant Community Forestation -36
उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन रणनीति -138
Medical Tourism Development Strategies -138
उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 242
Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -242

आलेख : भीष्म कुकरेती ( विपणन आचार्य )

लैटिन नाम -Melia azedarach
संस्कृत /आयुर्वेद नाम -महा निम्ब:
सामान्य नाम – डैंकण , बकैन
आर्थिक उपयोग
लकड़ी
साधुओं की माला
—–औषधि उपयोग —

रोग व पादप अंग जो औषधि में उपयोग होते हैं

जड़ छाल
सियाटिका निवारण
छाल उपयोग
कृमि नाशक
स्वास रोग
भ्रम /भ्रान्ति नाश
मलेरिया विषम ज्वर
बबासीर
कुष्ठ व अन्य त्वचा रोग
गुल्म /ट्यूमर
मूत्र रोग
उल्टियां
मुंह सफाई व अल्सर नाशक

पत्ती
बाल न झड़ने
हड्डी दर्द , गठिया नाशक
दर्द निवारक
त्वचा रोग एक्जाइमा नाश, कटी फ़टी त्वचा हेतु
बबासीर
पशुओं की कृमि नाशक

फूल
जूं , लीख नाशक
गर्भधान स्थिरीकरण या गर्भपात रोकू
स्त्रियों के मूत्र रोग में उपयोगी

बीज – न खाएं विषैले

बाजार में उपलब्ध औषधि

पादप वर्णन
समुद्र तल से भूमि ऊंचाई -० से 1800 तक
तापमान -23 -27 डिग्री सेल्सियस औसत
वांछित जलवायु वर्णन – लगभग सभी जगह
वांछित वर्षा mm – ३५० से २००० mm तक
वृक्ष ऊंचाई मीटर – 45 तक
तना गोलाई सेंटी मीटर – 30 -60
छाल – युवावस्था में चिकनी व हरी , फिर सिलेटी व फ़टी
टहनी
पत्तियां
पत्तियां आकार , लम्बाई X चौड़ाई cm और विशेषता – २० से ४० cm लम्बी नीम जैसी ही
फूल आकार व विशेषता
फूल रंग -सफेद
फल रंग -हरे फिर पीले व सफेद
फल आकार व विशेषता – गूदेदार गुठली
बीज /गुठली विशेषता, आकार , रंग -
फूल आने का समय – मार्च मई
फल पकने का समय – मई के बाद
बीज निकालने का समय -जून
बीज/गुठली कितने समय तक अंकुरण हेतु क्रियाशील हो सकते हैं

संक्षिप्त कृषिकरण विधि -
बांछित मिट्टी प्रकार pH आदि – बलुई ,जलभराव पसंद नहीं
वांछित तापमान विवरण – उपरोक्त २३ से २७ डिग्री c , धुपेली जगह
बीज बोन का समय – मानसून , भिगोये सही , 85 प्रतिशत अंकुरण प्रतिशत , नए बीज ही पयुक्त हों
नरसरी में बोते समय बीज अंतर – ३० cm
मिटटी में बीज कितने गहरे डालने चाहिए – १० cm गहराई
नरसरी में अंकुर रोपण अंतर- कम से कम एक मीटर
बीज बोन के बाद सिचाई क्रम – जलवायु अनुसार
अंकुरण समय – 60 दिन

नरसरी स्थान छायादार या धुपेली – धुप पसंद
क्या वनों में सीधे बीज या पके फल छिड़के जा सकते हैं ? सूखे नए बीजों को बंजर जंगलों में फेंकना सही है और पौधे उग आएंगे
वयस्कता समय वर्ष – ५ -६ वर्ष , २० वर्ष आयु

यह लेख औषधि पादप कृषिकरण /वनीकरण हेतु जागरण हेतु लिखा गया है अतः विशषज्ञों , कृषि विद्यालय व कृषि विभाग की राय अवश्य लें

कृपया इस लेख का प्रिंट आउट ग्राम प्रधान व पंचायत को अवश्य दें

Copyright@ Bhishma Kukreti , 2018 , kukretibhishma@gmail.com

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