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Aug
15

पारिजात वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

पारिजात वनीकरण से स्वास्थ्य पर्यटन विकास

Night Flowering Jasmine of Parijat Tree Plantation for Medical Tourism Development

औषधि पादप वनीकरण -36
Medicinal Plant Community Forestation -

उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन रणनीति -138
Medical Tourism Development Strategies – 138
उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 242
Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -242

आलेख : भीष्म कुकरेती ( विपणन आचार्य )

लैटिन नाम – Nyctanthes arbor -tristis
संस्कृत /आयुर्वेद नाम – पारिजात , शुक्लाङ्गी
सामान्य नाम – हर सिंगार
आर्थिक उपयोग
धार्मिक वृक्ष
इत्र , तेल
भोज्य पदार्थ को रंग देने में उपयुक्त
—–औषधि उपयोग —

रोग व पादप अंग जो औषधि में उपयोग होते हैं

पत्तियां

छाल

फूल
रोग व उपचार
१- सिटिका उपचार
२- रीढ़ की नस
३ मलेरिया
४ -गंजापन
५- कृमि नाश
६- गैस व एसिडिटी
७- मूत्र विकार
८- दन्त विकार
९- महावारी विकार
१० सर्प दंश उपचार
११- कब्ज उपचार
१२- स्मृति उपचार
१३ -कई विषों में उपयोग

बाजार में उपलब्ध औषधि

पादप वर्णन
समुद्र तल से भूमि ऊंचाई – 1500 मीटर
तापमान – उष्ण कटबंधीय तापमान
वांछित जलवायु वर्णन – ऑथरिली जमीन व सूखे धुपेली पहाड़ियों पर
वांछित वर्षा mm- साधारण जलवायु में भी
वृक्ष ऊंचाई मीटर – 10
तना गोलाई मीटर – कभी कभी 50
छाल – मोटी , मटमैली खुरदरी
टहनी – चौकोर सी
पत्तियां = पत्तियों के नीचे रेशे
पत्तियां आकार , लम्बाई X चौड़ाई cm और विशेषता – 6 से 12 cm लम्बाई , 2 से 6 cm चौड़ाई
फूल आकार व विशेषता = आठ दलीय जिसके मध्य लाल केंद्र
फूल रंग – सफेद , रात को ही फूलता है और सुबह मुरझा जाता है इसलिए रत की रानी नाम भी है
फल रंग -चपटा जिसके अंदरदो बीज होते हैं
फल आकार व विशेषता
बीज /गुठली विशेषता, आकार , रंग -
फूल आने का समय – तकरीबन हर दो महीने बाद
फल पकने का समय -
बीज निकालने का समय -
बीज/गुठली कितने समय तक अंकुरण हेतु क्रियाशील हो सकते हैं – वर्ष भर

संक्षिप्त कृषिकरण विधि -
बांछित मिट्टी प्रकार pH आदि – 5 . 6 से 7 . 5
वांछित तापमान विवरण – तकरीबन भारतीय जलवायु के माफिक
बीज बोन का समय – वसंत या वर्षा ऋतू जल प्राप्ति अनुसार
नरसरी में बोते समय बीज अंतर – cm 6 -10 cm
मिटटी में बीज कितने गहरे डालने चाहिए – cm गहराई
नरसरी में अंकुर रोपण अंतर- बाद हेतु घने अन्यथा दो से तीन मीटर
बीज बोन के बाद सिचाई क्रम – पहले पहले अधिक फिर सामान्य
नरसरी स्थान छायादार या धुपेली – धुपेली
क्या कलम से वृक्ष लग सकते हैं ? हाँ
क्या वनों में सीधे बीज या पके फल छिड़के जा सकते हैं ? हाँ
वयस्कता समय वर्ष – चार वर्ष

यह लेख औषधि पादप कृषिकरण /वनीकरण हेतु जागरण हेतु लिखा गया है अतः विशषज्ञों , कृषि विद्यालय व कृषि विभाग की राय अवश्य लें

कृपया इस लेख का प्रिंट आउट ग्राम प्रधान व पंचायत को अवश्य दें

Copyright@ Bhishma Kukreti , 2018 , kukretibhishma@gmail.com

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