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Oct
11

मेडिकल टूरिज्म हेतु लॉजिंग बोर्डिंग (आवासीय ) व आतिथ्य सत्कार व्यवस्था

मेडिकल टूरिज्म हेतु लॉजिंग बोर्डिंग (आवासीय ) व आतिथ्य सत्कार व्यवस्था

Requirements for Hotels Facilities, Hospitality facilities for Uttarakhand Medical Tourism Development

मेडिकल टूरिज्म विकास हेतु आपूर्ति रणनीति – 17

Supply Strategies for Wellness or Medical Tourism Development in Uttarakhand -17

उत्तराखंड में चिकत्सा पर्यटन रणनीति – 183

Medical Tourism development Strategies -183

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 287

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -287

आलेख – विपणन आचार्य भीष्म कुकरेती

पर्यटन किसी भी रकार का हो पर्यटक को डेरा व भोजन आवश्यकता पड़ती है। याने मेडिकल टूरिज्म विकास में होटल व्यवसाय का अहम हाथ होता है। होटल व्यवसाय मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देता है।

बीमार के साथ उसके सहोदर , मित्र आदि भी आते हैं तो उनके डेरे व भोजन की व्यवस्था होनी आवश्यक है।

वर्तमान में बड़े हॉस्पिटल मरीज व मरीज के साथ आये सहोदरों की आय अनुसार हॉस्पिटल में ही प्रथम स्टार से सात स्टार की आवासीय व भोजन व्यवस्था करते हैं।

मेडिकल टूरिस्ट स्थल को पर्टयकों हेतु तर्कपूर्ण व भावनात्मक सुख सुविधा का प्रबंध आवश्यक है इनमे से एक सुविधा होटल्स व्यवसाय का व भोजनालयों की सुविधा है।

इस लेखक ने होटल व्यवसाय प्रबंधन पर श्रृंखलबद्ध कई लेख लिखे हैं पाठक इन लेखों को www . meraahadforum .com /tourism -places of -uttarkhand /tourism and .. में पढ़ सकते हैं

मरीज व सहोदरों को उनकी आय व रूचि अनुसार होटल व्यवस्था आवश्यक है।

मरीज के साथ आये सहोदरों को आवासीय व्यवस्था के साथ साथ भोजन व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है जितना चिकित्सालय।

होटल किस प्रकार होनेचाहिए प्रश्न जटिल नहीं है अपितु सरल है कि होटलों का स्टैण्डर्ड उसी तरह हो जिस तरह की चिकित्सा व्यवस्था व पर्यटक आते हैं। सिंगापूर के मेडिकल टूरिस्टों व ऋषिकेश के मेडिकल टूरिस्टों के स्टैंडर्ड में अंतर है और दोनों जगह पर्यटकों के अनुसार होटल व्यवस्थाएं हैं। सिंगापूर में धनी मेडिकल टूरिस्ट जाते हैं तो वहां चिकित्सालयों में भी पंच तारा आवासीय सुविधा उपलब्ध हैं तो ऋषिकेश में कई कारणों से धर्मशालाएं होटलों के विकल्प बन गए हैं। देहरादून में धर्म शालाएं हैं किन्तु वहां जाने वाले टूरिस्ट धर्म शाला पसंद नहीं करतेतो वहां होटल अलग अलग तरह के उपलब्ध हैं। गेस्ट हॉउस व्यवस्था भी आवश्यक है। कभी कभी पेयिंग गेस्ट व्यवस्था भी आवश्यक है।

मरीज को भी हॉस्पिटल में आतिथ्य मिलना आवश्यक है और वर्तमान में मरीज भी निम्न आतिथ्य सेवाओं का आकांक्षी है -

सरकाने वाले चारपाइयाँ

नर्स भट्याने की व्यवस्था

वाई फाई व्यवस्था

चारपाई के पास कंट्रोल्स

टीवी

गर्म पानी

एयर कंडीसनर

स्नानागार

परिवार हेतु व्यवस्था चाय बनाने आदि व्यवस्था

चेक इन व्यवस्था

अनुवादक

प्रिस्क्रिप्सन हिसाब से मेडिकल स्टोर

ट्रेंट कार्मिक जो आतिथ्य प्रबंध समझते हों

शॉपिंग व्यवस्था जैसे टूथ पेस्ट , शेविंग सामन , श्रृंगार सामग्री तेल, फल नास्ता आदि

प्रशासन में तालमेल – चिकित्सा व अन्य सुविधा प्रशासकों में तालमेल

भोजन व्यवस्था

२४ घटने सेवा

परिहवन व्यवस्था

बिलिंग विधियां

होटल व्यवसाय हेतु निवेशकों की आवश्यकता पड़ती ही है , समाज व सरकार को होटल व्यवस्थाओं का प्रबंध करना आवश्यक है

Copyright@ Bhishma Kukreti , 2018 , bjkukreti@gmail.com

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