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Nov
07

रामीसेरा नाम उतपति कथा

रामीसेरा नाम उतपति कथा

सलाणी लोककथौं जणगरु : भीष्म कुकरेती

कथा सुणाण वळ: श्री जगदीश प्रसाद शुक्ला (रामजीवाला गाँव , उदयपुर पट्टी , गढ़वाल )

या कथा आज को रामीसेरा गाँव, बदलपुर पट्टी की लोक कथा च। रामीसेरा , जहरीखाल ब्लॉक म जमीरा , धकसुन का नजिकौ गाँव च जु जहरीखाल ब्लॉक म च।
इन बुल्दन बल बदलपुर क एक गाँव (शुक्ला जी अनुसार मठियाळी ) म एक बिगरैली जवान रामी नामै विधवा रौंदी छे। रामी एक तीन मैना की नौनी छे अर वींक मालिक कुछ दिन पैलि सोरग चल गे थौ। बिचारि बड़ी मुश्किल से बच्ची पालन पोषण करदी छे। दुर्जन थोकदारक बुरी नजर रामी पर छे अर वीं तै धरण चाणु छौ। दुर्जन थोकदारन अपणी इच्छा रामी बताई पर मना कर दे। थोकदार अब रामी तै बेवजै तंग करण लग गे। रामी तब बि झुक नी। थोकदार रामी तै परेशान करणो क्वी कसर नि करदो थौ।
एक दैं अंग्रेज लाट साब मठियाळी दौंरा पार आयी। अर जन कि रिवाज थौ थोकदार तै लाट साब व वेका कारिंदों बान कुली, रौण -खाण , दूध घी को इंतजाम करण छौ। हरेक मौ से डड्वार मंगे जांद छे याने बेगार।
दुर्जन थोकदार तै रामी तैं तंग करणो गे। थोकदारन रामी से एक लुट्या दूध दीणो आदेश, बदलपुर दे दे। थोकदार जणदु थौ बल रामी क लैंद पाणी कुछ नी अर वैक डौरन कैन रामी तै दूध नि दीण। रामी तै थोकदारन धमकी दे बल दूध नि पौंछ त वींक कूड़ पुंगड़ी नीलाम करे जाल।
अब बड़ी समस्या छे। रामी जणदी छे बल लाट साब अर कारिंदा लोग बि कम जल्लाद नि हूंदन। कत्युं गौड़ी भैंसी नीलाम करि दींदा था यी जल्लाद अर थोकदार लोक। रामीन बि कसम खायीं छे बल ये थोकदार समिण त नि झुकण। रामीन अपण दूध एक लुट्या म निकाळ अर उख तम्बू म लाट साबक भंडारी तै दे दे।
जब लाट साबन दूध पे त चट्ट वैक समज म आई गे बल यु गौड़ी भैंसक ना बल्कण मनिखौ दूध च। वैन तहकीकात कार तो पता चौल बल दूध रामी क ड्यारन ऐ थौ। लाट साबन रामी भट्याई। रामी डरदी डरदी लाट साबक समिण आयी। लाट साबन रामी तै सल्यूट कार अर ब्वाल चूँकि मीन त्यार दूध पे तो तू मेरी ब्वे जन छे।
लाट साबन रामी से जब असलियत जाण त तुरंत थोकदार की थोकदारी जब्त कौर दे।
लाट साबन रामी से कुछ मांगणो प्रार्थना कार। रामी म क्वी स्यार (धान का पणचर खेत ) नि छा तो रामीन स्यार /ज़रा की मांग कार। लाट साबन तुरंत गाँव का स्यारा रामी क नाम कर देन अर आदेश दे बल यूँ स्यारुं पर क्वी क़िस्त टैक्स नि लिए जाल। बस रामी वूं स्यारुं मालकिण बणगे अर वीं जगा नाम रामीसेरा पौड़ गे।

Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai, 2018

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