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Nov
10

जसपुर बिटेन कुकरेती परिवार गंगा पार देहरादून किलै भागिन ?

जसपुर बिटेन कुकरेती परिवार गंगा पार देहरादून किलै भागिन ?

(250 साल से बि पुराणी लोक कथा )

सलाणी लोककथौं जणगरु : आचार्य भीष्म कुकरेती

कथा सुणाण वळ : स्व बलदेव प्रसाद ‘कुकरेती ,मास्टर जी , ‘स्व. मोहन लाल कुकरेती , स्व कुकरी देवी शीशराम कुकरेती (जसपुर ढांगू ), सन 1960 करीब
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हमर एक सारी च मुड़ि चौड़ी। मथि चौड़ी भद्वाड़ै सारी छे तो मुड़ि चौड़ी आम पुंगड़। चौड़ी हमर गां से एक डेढ़ किलोमीटर दूर च। खौंळेणे बात या च बल इख हमर पुंगड़म एक दळिमौ डाळ बि च। ए दळिम पर मीठा मीठा फल लगद छा। हम तैं पता छौ बल कब पकदन त हम दळिम खाणो इख पौंछि जांद छा। दूर हूणो उपरांत बि क्वी चोरी नि हूंदी छे पता नि किलै धौं जब कि गां मा घनश्याम ददा जीक दळिम पर लोग हाथ मारी दींदा छा।
एक दें हळेणो बाद म्यार बडा मास्टर जी अर मि खौड़ साफ़ करणा छा त मीन पूछ बल बडा जी इख जंगळम दळिम कन जामि। बडा जीन बताई बल तबैक बात होली बल जब ग्वील गाँव बि नि बस छौ बल। हमर गाँव जसपुरम हज्या प्रकोप फैली गे बल। लोग सुबेर त ठीक रौंदा था पण दुफरा हूंद हूंद उलटी दस्त कौरि कौरि मोर जांद छा बल। बैदुं दवाई बि काम नि करणी छे अर म्वार पर कांड , कंडाळी से बि बल कुछ फरक नि पोड़ बल। बल यि राम दा इन नौबत आयी गे बल जवान नौनु भितर मर्यूं हो तो बि ब्वे बाब वे पर हथ लगाण त जाणी द्यावो भितर खुट बि नि धरदा छा. हज्या प्रकोप जब बिंडी ह्वे गे त जसपुर बिटेन लोग भाजी गेन। गाँव खाली ह्वे गे छौ। हमर परिवार अर हौर परिवार बि गाँव छोड़ि भाजि गेन। हमर परिवारन मुड़ि चौड़ीम पल्ल लगाइ अर उखम रौण लग गेन। क्वी हौर दूर पल्ल लगैक रौण लग गेन। भौत सा परिवार त बल गंगापार (टिहरी ) जिना भाजी गे छा बल। हमर बूड बुल्दा छा बल तब हज्या आसरा दिनों म हमर बूडन इखम दळिम खै छा बल अर यु दळिमौ डाळ जमी गे बल। बड़ो पवित्र डाळ च बल यु।
मीन बडा जी से पूछ बल हौर कख गेन तो बडा जीन कुछ नि बताई।
मीन घौर ऐक दादि (पिताजी की बोडी ) अर चचा जी ( स्व मोहन लाल ) से पूछ तो हज्या कथा बारा म पूछ।
तब ददिन बताई बल एक परिवार भगद भगद माळा बिजनी जिना गे बल उख गुलर गाड म नाव या ठुपरी से गंगा पार कौरिक थानों भोगपुर भाजी गेन (ददि देहरादून ना देहरादून कुण थानो भोगपुर ही बुल्दी छे जब मि देहरादून से घौर आंद छौ त ददि बुल्दी छे ‘ऐ गे थनो भोगपुर बिटेन ).
तब चचा जीन बताई बल यु परिवार देहरादून भाजी गे छौ (शायद बिधौली ) . दादि जी अर चचा जीन बताई बल एक दैं ये परिवारौ वर्तमान पीढ़ी मदे एक सदस्य जसपुर ऐ छौ बल। यूंक परिवार कै भयंकर दुःख म फंसी गे छौ त पुछेरन बताइ बल अपण पैतृक पितर्वड़म नारायण बळी कारो। तो वै सदस्यन जसपुरम कुकरेत्यूं मूल पितर्वड़म नारायण बळी कर्मकांड करवाई छौ। मि पुछद भूली गे छौ बल कै बहुगुणा गुरु जीन नारायण बळी कर्मकांड सम्पन कार।

Copyright@ Acharya Bhishma Kukreti, 2018

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