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Dec
08

लैंसडाउन में पक्षी निहारण पर्यटन

लैंसडाउन तहसील क्षेत्र पक्षी निहारण पर्यटन हेतु उत्तम क्षेत्र है आओ क्षेत्र को प्रसिद्धि दिलाएं !

Impact of Bird Watching Fair on Lansdown region

उत्तराखंड पक्षी निहारण पर्यटन -2

Bird Watching Tourism in Uttarakhand -2

उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 338

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -338

आलेख – विपणन आचार्य भीष्म कुकरेती

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पक्षी निहारण पर्यटन में उत्तराखंड का नाम विशेषतः बिनसर सैंक्चुरिटी व जिम कॉर्बेट पार्क का नाम दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

7 दिसंबर से 9 दिसंबर 2018 कोटद्वार में अंतर्राष्ट्रीय पक्षी निहारण मेला आयोजित होने से लैंसडाउन (प्राचीन सलाण ) क्षेत्र भी बर्ड वाचिंग मैप में अवश्य शामिल हो जाएगा।

300 से अधिक पक्षी प्रजातियों से भरपूर सलाण /लैंसडाउन क्षेत्र

डा मोहन कुकरेती व डा दिनेश भट्ट ने एक रिसर्च प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में 216 पक्षी प्रजातियां रिकॉर्ड कीं। अतः हम अनुमान लगा सकते हैं कि लैंसडौन तहसील में 250 से अधिक पक्षी प्रजातियां होंगे ही। यमकेश्वर क्षेत्र से पक्षी प्रेमी श्री दिनेश कंडवाल ने भी कई आकर्षक पक्षियों की जानकारी दी है। श्री दिनेश कंडवाल ने मुझे सूचना कि कोटद्वार में श्री राजिव बिष्ट लैंसडाउन क्षेत्र में पक्षी निहारन गाइड प्रसिद्ध हैं व पर्यटकों को सही स्थान पर ले जाते हैं।

पक्षी निहारण पर्यटन से लैंसडाउन क्षेत्र को निम्न लाभ मिलेंगे -

देश विदेशों के बर्ड वाचर्स लैंसडाउन क्षेत्र में आने से लैंसडाउन क्षेत्र की छवि प्रसारण में वृद्धि होगी व कई नए पर्यटन आयाम खुलेंगे। लैंसडाउन क्षेत्र के समाचार अंतर्राष्ट्रीय माध्यमों में स्थान पायेगा।

पक्षी निहारण पर्यटन से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा व लुप्त होते पक्षियों को बचाने का कार्य भी शुरू होगा।

कई दुर्लभ प्रजातियों का पता भी चलेगा जो पर्यटनगामी सिद्ध होगा

विलेज टूरिज्म को बल मिलेगा व कृषि पर्यटन को भी बल मिलेगा। खंड में श्री सत्यप्रसाद बड़थ्वाल के बगीचे देखने पर्यटक आएंगे।

कई उपेक्षित धार्मिक पर्यटक स्थल जैसे भैरों गढ़ी , जसपुर नागराजा , ठंठोली का गोदेश्वर मंदिर , कड़ती का सिलसू मंदिर , डवोली द्वाली , कठूड़ व बनचुरी के देवी मंदिर तिमली का बाणेश्वर मंदिर कैन्डुळ का सटी सावित्री मंदिर , यमकेश्वर व उदयपुर का बिलायत क्षेत्रो, ताड़केश्वर रिखणी खाळ पैनो बदलपुर में गोरखनाथ उड़्यारी , को नए पर्यटक मिलेंगे . इसी तरह उपेक्षित पड़े ऐतिहासिक स्थल ढांगू गढ़ , लँगूरगढ़ , बंदर भेळ , अजमेर में मालनी तट अजमेर में रमाई (जहां प्रद्युम्न शाह के मंत्री रामपति खंडूड़ी की हत्त्या हुयी थी ) , आदि भी पर्यटन मैप में जगह प्राप्त कर लेंगे।

व्यासचट्टी से ऋषिकेश तक गंगा तट में पक्षी निहारण पर्यटन को भी बल मिलेगा। इसी तरह पश्चमी राम गंगा क्षेत्र में भी पक्षी पर्यटन के कई नए आयाम खुलेंगे।

जूलॉजी के विद्यार्थी डा मोहन कुकरेती व डा दिनेश भट्ट के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे व पक्षी रिकॉर्ड का कार्य भी बढ़ेगा।

कोटद्वार व अन्य स्थलों में पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा व पर्यटन उद्यम को लाभ पंहुचेगा। पक्षी निहारण पर्यटकों को भी होटल परिहवन , विशेषज्ञ गाइड की आवश्यकता पड़ती हैं अतः इंफ्रास्ट्रचर पर निवेश आवश्यक है।

पक्षी दर्शन पर्यटन की छवि से माळा बिज्नी -तल्ला ढांगू की तर्ज पर पर्यटन मल्ला ढांगू व सदूर उदयपुर , डबराल स्यूं में भी बढ़ेगा। इसी तरह बदलपुर , पैनो आदि क्षेत्रों में पर्यटन विकास होगा

लैंसडाउन क्षेत्र वासियों व प्रवासियों को पक्षी निहारण पर्यटन को मद्दे नजर रखकर कई कार्य करने चाहिए कि लैंसडाउन क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन में अग्रणी क्षेत्र हो जाय।

पत्रकारों व लेखकों को यत्र तत्र लेख प्रकाशित करवाने चाहिए आदि आदि पक्षी गाइड भी त्यार होने चाहिए। कृषि पर्यटन हेतु निवेश कार्य होने चाहिए।

Copyright@ Bhishma Kukreti, 2018, bjkukreti@gmail.com

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