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Jan
18

चिर सुंदरी भुंदरा बौ क्यांक बान व्यस्त च ?

चिर सुंदरी भुंदरा बौ क्यांक बान व्यस्त च ?

खिचल्यूं द्यूर : भीष्म कुकरेती
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मि – हैलो
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ –
मि -हैलो
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – हल्लो
मि -हैलो मि बुलणु छौं
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -पता च।
मि -ये बौ सूण !
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – सुणा !
मि -चलती है क्या खंडाला ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -अपणी फूफू तैं लीजा खंडाला बंडाला
मि – उंह उंह
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – बोल
मि -ये बौ मेरी याद बि आंदी ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ हाँ किलै ना ?
मि -झूठ सफा झूठ
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – त्यारी सौं जब बि म्यार भाई फोन आंद पता नी तेरी याद भौत आंद धौं
मि – ठीक च ठीक फोन धरणु छौं।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -अच्छा अच्छा बोल। रुसे ना तू त म्यार प्रिय द्युरों मादे एक द्यूर छे। बोल बोल।
मि – अरे फिर झूठ। मि प्रिय हूंद त फोन नि करदी ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – त्यार सौं जु झूट बुलणु हों धौं।
मि -त फिर फोन फोन किलै ना ? उनी बि अचकाल ह्यूंदम काम कमि रौंद।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – हाँ पर मि जरा व्यस्त छौं।
मि – व्यस्त अर माघ अ मैना ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ हाँ मि वेरी वेरी बिजी छौं।
मि – हैं ? क्वी हैंक द्यूर त नि ऐ गे गां मा ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – चल बद्तमीज छ्वारा फोन धौर। म्यार बारा म इन धारणा ? फोन काटूं क्या ?
मि -ओ सौरी सौरी !
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – सौरी का बच्चा।
मि – अरे पर माघम क्वी जनानी व्यस्त राओ तो ? द्यूर गलत ही स्वाचल ना ? क्यांक व्यस्त ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – मि बसंत पंचमी तयारी करणु छौं।
मि -हैं ? बसंत पंचमी तयारि ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ बसंत पंचमी तयारी।
मि – पण बसंत पंचमी ले क्या तयारी ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -बिसर गे सैत तू बसंत पंचमी त्यौहार ?
मि -नै नै मैं सौब याद च बसंत पंचमी त्यौहार।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -तो क्या क्या हूंद छौ बसंत पंचमी कुण ?
मि -क्या सुबेर सुबेर रतखुल्यां मा ल्वार बाडा या ल्वारण बोडी हमर पुंगड़ बिटेन स्यूं जलड़ जौ उखाड़ि लांद छा अर हमर हरेक म्वार पर चिपकाइ जांद छा। सन्नी क म्वारों पर बि जौ हरयळि चिपकै दींद छा।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – फिर ?
मि – फिर क्या ? फिर दुफरा म हम सब बसंती रंग की हुळळि खिल्दा छा। तब तक स्वाळ पक्वड़ बि बण जांद छा। जैक इख बरजात ह्वावो उख स्वाळ पक्वड़ बंटद छा।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -अर ?
मि -अर क्या स्याम दैं नाच गीत लगांद छा।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – यी त परेशानी च द्यूर जी।
मि -क्यांक परेशानी ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -तुमर ले क्या तुम त मुंबई म मजा करणा छा , क्वी डिल्ली , क्वी ड्यारा डूण। परेशानी त हमकुण च।
मि -केकी
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -अरे सबसे बड़ी परेशानी च जौ बूण अर बसंत पंचमी तक बचैक रखण। क्वी त गाँव म नि रै गे त हरेक मवासक म्वारों कुण इथगा जौ बूण अर बसंत पंचमी तक बचाण।
मि -हाँ स्या त समस्या बड़ी च।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – वां से बड़ी समस्या च ल्वार बि त परदेस भाजी गेन। आठ दस गाऊं म एकाद ल्वार रयां छन। सी बि अब हर्यळी लगाणो तयार नि छन। बुल्दन बल संस्कृति बचाणो ठ्यका हमर इ लियुं क्या ?
मि -बात त सही च।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ त हम कुछुन ल्वार ज्योर तै पुळयायी बल जु आठ दस गांवुं म जैक सबि म्वारों पर हर्यळि लगाल ये साल। आठ दस दिन तो ल्वार ज्योर तै मनाणम लग गेन।
मि – चलो हर्यळ लग गे त बसंती रंग बि लग इ जाल।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – ये साल अब हम सौब फिर से गीत लगौला।
मि -नाच गीत नाटक ?
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ आठ दस गाँव वळ दिन म एक जगा आल अर नाच -गीत नाटक स्वांग लगैक चल जाल।
मि -भौत सुंदर भौत सुंदर !
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -अरे लोगुं तै मनांद मनांद मेरी टक टूटी गे।
मि -वधाई हो वधाई।
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – अर सूण ये साल आठ दस गाँवम मिळवाक म मिलिक बच्चों तै सामूहिक पाटी बि दिए जाल
मि -याने सामूहिक सरस्वती पूजा
चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -हाँ जु बि नाम दे देली।
मि – ब्वा ये बौ बड़ो काम च यु तो मि त पदम् श्री देलु तुम सब तैं।
भुंदरा बौ – रण दे बिंदी बड़ैं न कौर। फोन रख। मि जरा जौ दिखणो जाणु छौं।
मि – हर हर हर्यळी जौकी खुद लगीं बौ की

सर्वाधिकार भीष्म कुकरेती 2019

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