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May
15

Garhwali Drama ‘Teelu rauteli’

Teelu Rauteli: Drama illustrating Sacrifice by Teelu for her motherland

(Chronological History and Review of Modern Garhwali Dramas series )
(Review of Garhwal Drama ‘Teelu Rauteli’)
(Review of Garhwali Dramas created by Dr Ranvir Singh Chauhan )
Review by: Bhishma Kukreti (Literature Historian)
In fifteenth century, Teelu Rauteli had been famous brave girl of Garhwal that fought for human freedom and destroying terrism in Garhwal border by Katyri Thakur. Famous Historian Dr Ranvir Singh Chauhan wrote one act fine drama on the basis of story of Teelu Rauteli.
Teelu Rauteli was daughter of Bhopu Gurla Rawat of Bungi Jamindar /Thokdar . The nearby Katyri Jmindar used to invade Garhwal and used to loot the people of Garhwal. Thokdar used to make planning for taking Katyuris out far from Garhwal. Katyuris killed Boongi Thokdar and his sons. Then, Teelu Rauteli and her associates fought with Katyuri sardar. However, when she was taking bath , the nemies killed her by deceptive methods.
Dr Chauhuan used prose and poems and lyrics for dramatization of famous folklore of Garhwal. Dr Ranveer has been successful in dramatizing the story .
Dr Chahuhan used the common folk songs and created lyrics by himself too
ओ कांडा का कौथिग उर्यो
ओ तिलु कौथिग बोला
धका धे धे तिलु रौतेली धका धै धै
द्वी बीर मेरा रणशूर ह्वेन
भगतु पत्ता को बदला लेक कौतिक खेलला
धका धे धे तिलु रौतेली धका धै धै
अहो रणशूर बाजा बजी गेन रौतेली धका धै धै
बोइयों का दूध तुम रणखेतु बतावा धका धै धै
तीलु रौतेली ब्वादा रणसाज सजावा धका धै धै
इजा मैणा यूं बीरूं टीका लगावा , साज सजावा ,धका धै धै
मै तीलु बोदू जौंका भाई होला , जोंकी बैणि होली
ओ रणखेत जाला धका धै धै
बल्लू प्रहरी टु मुलक जाइक धाई लगै दे धका धै धै
बीरों के भृकुटी तण गे धका धै धै
तीलु रौतेली धका धै धै
ओ अब बूड़ी सलाण नाचण लागे धका धै धै
अब नई जवानी आइगे धका धै धै
बेलू देबकी द्वी सखी संग चली गे धका धै धै
ओ खैरा गढ़ मा जुद्ध लगी गे धका धै धै
खड़कु रौत तखी मोरी गे धका धै धै
तीलु रौतेली धका धै धै
ओ काण्ड को कौतिक उर्यो गे धका धै धै
तीलु रौतेली तुम पुराणा हथ्यार पुजावा धका धै धै
अपणि ढाल कटार तलवार सजावा धका धै धै
घिमंडू की हुडकी बाजण लगे धका धै धै
ओ रणशूर साज सजीक ऐगे तीलु रौतेली धका धै धै
दीवा को अष्टांग करी याल धका धै धै
रण जीति घर आइक गाडुल़ो छतर रे धका धै धै
धका धे धे तीलु रौतेली धका धै धै
पौंची गे तीलु रौतेली टकोली भौन धका धै धै
यख बिद्वा कैंत्युरो मारियाले धका धै धै
तब तीलु पौंची गे सल्ड मादेव धका धै धै
ओ सिंगनी शार्दूला धका धै धै
धका धे धे तीलु रौतेली धका धै धै
येख वख मारी कैकी बौडी गे चौखाटिया देघाट धका धे धे
बिजय मीले पण तीलु घिरेगे धका धै धै
बेल्लू देबकी रणखेतुं मा इखी काम ऐन
इथगा मा शिब्बू पोखरियाल मदद लेक आइगे धका धै धै
अब शार्दूला लड़द पौंची कालिंकाखाळ
सराइंखेत आइगे घमासान जुद्ध ह्व़े धका धै धै
शार्दूला की मार से कैंत्युरा रण छोडि भाजी गेन धका धै धै
रण भूत पितरां कल तर्पण दिंऊला धका धै धै
यख शिब्बू पोखरियाल तर्पण देण लग्ये धका धै धै
सराईखेत नाम तभी से पड़े धका धै धै
यख कौतिक तलवारियों को होलो धका धै धै
ये तें खेलला मरदाना मस्ताना रणवांकुर जवान धका धै धै
सरदार चला तुम रणखेत चला तुम धका धै धै
धका धै धै तीलु रौतेली धका धै धै
ओ रणसिंग्या रणभेरी नगाड़ा बजीगे धका धै धै
ओ शिब्बू ब्वाडा तर्पण करण खैरागढ़ धका धै धै
अब शार्दूला पौंची गे खैरागढ़ धका धै धै
यख जीतू कैंत्युरा मारी , राजुला जै रौतेली अगने बढी गे धका धै धै
रण जीति सिंगनी दुबाटा मा नाण लगे धका धै धै
राजुलात रणचंडी छयी अपणो काम करी नाम धरे गे धका धै धै
कौतिका जाइक खेलणो छयो खेली याला
याद तौंकी जुग जुग रहली धका धै धै
तू साक्षी रैली खाटली के देवी धका धै धै
तू साक्षी रैली स्ल्ड का मादेव धका धै धै
ओ तू साक्षी रैली पंच पाल देव
कालिका की देवी लंगडिया भैरों
ताडासर देव , अमर तीलु, सिंगनी शार्दूला धका धै धै
जब तक भूमि , सूरज आसमान
तीलु रौतेली की तब तक याद रैली
धका धे धे तीलु रौतेली धका धै धै
The drama is suitable for staging the play . Chauhan is scussful in characteriszation of associates of Teelu Rauteli as we knew from folk lore.
Drama: Teelu Rauteli (One Act)
From Hantya a A Garhwali Drama collection (2003)
By :D r Ranvir Singh Chauhan
Pub by Radhika Prakashan , Kotdwara Garhwal

Copyright@ Bhishma Kukreti

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