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Jun
06

व्यवसायिक बकरी पालन विधि H

व्यवसायिक बकरी पालन विधि
How to start Goat farming
व्यवसायिक बकरी पालन का पर्यटन हेतु महत्व -2
Commercial Goat Farming as Tourism Tool -2
भोजन पर्यटन विकास -15
Food /Culinary Tourism Development 15
उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 397

Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -399

आलेख – विपणन आचार्य भीष्म कुकरेती

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बकरी पालन ग्रामीण उद्यम में महत्वपूर्ण व्यवसाय सिद्ध हो रहा है। बकरी पालन कई तरह से पर्यटन उद्यम हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण सहायक उद्यम है। यदि सही तरह से कार्य किया जाय तो बकरी उद्यम सदा ही लाभकारी व्यापार है। बकरी पालन व्यापार शुरू करने हेतु निम्न विधियां, चरण व सावधानियां आवश्यक हैं -

१- उद्देश्य – बकरी पालन हेतु सर्व प्रथम उद्देश्य निर्धारित करना होता है कि बकरी पालन दूध हेतु प्रारम्भ करना है या मांश हेतु प्रारम्भ करना है। अथवा चमड़े हेतु व्यापार करना है।

२- बकरी पालन हेतु स्थान उपलब्ध है या नहीं

३- चारा हेतु बकरियों को वन भ्रमण करवाना है या गौशाला में ही चारा देना है। चारा व वः चारा जिससे बकरी वजन वृद्धि हो की जानकारी।

४- लाभकारी बकरी वंश की जानकारी व खोज , खरीदी

५- बकरी शाला का निर्माण जिसमे सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हों , गर्भवती बकरियों व अन्यो से अलग अलग कमरे व छौनों हेतु अलग सुविधा , शाला हेतु औजारों , उपकरणों हेतु पूरी जानकारी

६- बीमारियों निदान हेतु निकटम अस्पताल से सम्पर्क व बीमारियों की जानकारी , प्राकृतिक अथवा कृत्रिम गर्भाधान समाधान

७- बाजार – व्यापर प्रारम्भ करने से पहले बाजार की भी जानकारी आवश्यक है

८- बकरी पालन हेतु मानव संसाधन की आवश्यकता व आपूर्ति व आय व्यय विश्लेषण

९- धन जुटाने के संसाधन -बैंक लोन आदि की जानकारी

१०- आवश्यकता पड़ने पर आकस्मिक धन जुटाने के साधन

११- सरकारी सब्सिडी की जानकारी

Copyright@ Bhishma Kukreti , 6/6/2019

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