«

»

Jan
08

नै सालम पैलि कविता

नै सालम पैलि कविता
Flower Blooming in Garhwal
Garhwali Poetry by : Payas Pokhara

*****************
कोंपळा, कुटमणा अर बौर अयां छन ।
मौल्यार ल्हेकि दगड़्या घौर अयां छन ।।
हैंस्दा फूल,खिल्दा पात डाळि फौक्यूं मा ।
फ्यूंलड़ि का दगड़ा-दगड़ि हौर अयां छन ।।
ब्यौलि सि च प्योंलि,ब्योला च जन बुरांस ।
झांझि खशबू मा नशा का दौर अयां छन ।।
रंगमत ह्वैकि यो बसंत तुमथैं धै लगाणु चा ।
बल वो अपणा गौंमा बिरणा घौर अयां छन ।।
सकिना,ग्वीराळ,पयां थैं भि नचण दे जरा ।
पिंग्ळा छितराज दुन्यां की सौर अयां छन ।।
फुलु-फुलु मा भि छुवीं लगणि च फुलु की ।
छुयांळ फूल त ‘पयाश’ की डौर अयां छन ।।
© पयाश पोखड़ा 07012020
Garhwali Poem , Garhwali Folk Song

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.