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Aug
08

हर्षिल (उत्तरकाशी ) के डाकघर के जंगलेदार , कोटि बनाल शैली के मकान में काष्ठ कला अलंकरण, नक्कासी

 

हर्षिल (उत्तरकाशी ) के  डाकघर के जंगलेदार  ,  कोटि बनाल शैली के मकान में काष्ठ कला अलंकरण, नक्कासी 

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान , बाखली  , खोली  , कोटि बनाल )  में काष्ठ कला अलंकरण, नक्कासी -245

House wood Carving Art in Harsil , Uttarkashi

संकलन – भीष्म कुकरेती

हर्षिल घाटी व  निकटवर्ती घाटियों में विशेष प्रकार के मकानों की  सूचनाएं मिली है।  इसी क्रम में  हर्षिल  (उत्तरकाशी ) में   कोटि बनाल शैली में निर्मित डाकघर  का जंगलेदार भवन  में काष्ठ कला अलंकरण पर चर्चा होगी।  यह  डाकघर  राम तेरी गंगा मैली क्यों में भी फिल्माया गया है।

मकान की पत्थरों व बड़े बड़े स्लीपरों  (बड़े बड़े कड़ियों )  की चिनाई से साफ़ जाहिर है कि मकान कोटि बनाल शैली का बना है।  तल मंजिल में  कमरे के सिंगाड़ों , दरवाजों व मुरिन्ड में ज्यामितीय कटान ही है और कोई विशेष कला दर्शन नहीं होते हैं।

कोटि बनाल शैली से बने इस  मकान के पहली मंजिल  में बरामदे के बाहर से निमदारी  जिअसे संरचना देखने को मिलती है।  पहली मंजिल में बरामदे के बाहर से  दो ओर  (सामने व  बगल में ) लकड़ी के स्तम्भ /ख़म लगे हैं।  ऊपर मुरिन्ड में एक  सपाट कड़ी है।  स्तम्भ  के आधार में दोनों तरफ  लकड़ी की पट्टिकाएं लगी हैं जिससे ऐस ामहसूस होता है जैसे स्तम्भ आधार मोटा है।  ऊपर सपाट हो मुरिन्ड की कड़ी से मिल जाते हैं।

स्तम्भ के आधार में   छह सात इंच ऊपर व ढाई फिट ऊपर लकड़ी की एक एक  रेलिंग है।  इन दो रेलिंगों के मध्य लघु उप स्तम्भों से जंगल बना है।  लघु उप स्तम्भ    आयत नुमा है और आधार पर , बीच में व ऊपर बड़ा आयात नुमा आकृति है।

निष्कर्ष निकलता है कि हर्षिल (उत्तर काशी ) के  डाकघर के  कोटि बनाल शैली के जंगलेदार मकान में   ज्यामितीय कटान  अंकन ही दृष्टिगोचर होता है।

सूचना व फोटो आभार : उपेंद्र स्वामी 

यह लेख  भवन  कला संबंधित  है न कि मिल्कियत हेतु . भौगोलिक ,  मालिकाना   जानकारी  श्रुति से मिलती है अत: अंतर हो सकता है जिसके लिए  सूचना  दाता व  संकलन कर्ता  उत्तरदायी  नही हैं .

Copyright @ Bhishma Kukreti, 2020

Traditional House Wood Carving Art (Tibari, Nimdari, Bakhali,  Mori) of   Bhatwari , Uttarkashi Garhwal ,  Uttarakhand ;   Traditional House Wood Carving Art (Tibari, Nimdari, Bakhali,  Mori) of  Rajgarhi ,Uttarkashi ,  Garhwal ,  Uttarakhand ;   Traditional House Wood Carving Art (Tibari, Nimdari, Bakhali,  Mori) of  Dunda, Uttarkashi ,  Garhwal ,  Uttarakhand ;   Traditional House Wood Carving Art (Tibari, Nimdari, Bakhali,  Mori) of  Chiniysaur, Uttarkashi ,  Garhwal ,  Uttarakhand ;   उत्तरकाशी मकान लकड़ी नक्कासी , भटवाडी मकान लकड़ी नक्कासी ,  रायगढी    उत्तरकाशी मकान लकड़ी नक्कासी , चिनियासौड़  उत्तरकाशी मकान लकड़ी नक्कासी   श्रृंखला जारी रहेगी

 

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