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Aug
26

झैड़ ( ढांगू, पौड़ी गढ़वाल ) में विजेंद्र मैठाणी के भव्य जंगलेदार मकान में ‘काठ लछ्याणौ , कुर्याणौ पाड़ी ब्यूंत ‘ की काष्ठ कला

 

झैड़ ( ढांगू, पौड़ी गढ़वाल  ) में  विजेंद्र मैठाणी के  भव्य जंगलेदार  मकान में ‘काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत ‘ की काष्ठ कला अलंकरण अंकन; लकड़ी  नक्काशी

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान , बाखली , खोली  , कोटि बनाल  ) काष्ठ कला अलंकरण अंकन,  नक्काशी - 255

 

Traditional House wood Carving Art of  Jhair , Yamkeshwar Pauri  Garhwal

संकलन – भीष्म कुकरेती

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झैड़ (बिछला ढांगू। पौड़ी गढ़वाल  )   की  दो तिबारियों की सूचना पहले ही दी जा चुकी है।  इसी क्रम में झैड़ से विजेंद्र मैठाणी  के भव्य जंगलेदार मकान की भी सूचना मिली है।  मकान  दुपुर -दुघर व लकड़ी का  भव्य छज्जेदार मकान है। छज्जा  पत्थर मिट्टी के स्तम्भों में स्थापित है।  जंगला पहली मंजिल में स्थापित है।  जंगले में  दस से अधिक  आकर्षक  खाम /स्तम्भ खड़े हैं।  स्तम्भ छज्जे की एक मजबूत कड़ी पर स्थापित हैं।  इस कड़ी पर एक लम्बी काष्ठ  पट्टिका  है जिसके नीचे   काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत ‘ से रिखड़ा  कुर्याणै कौंळ  से  ज्यामितीय अंकन हुआ है।  पट्टिका के नीचे का पक्ष कुछ कुछ लम्बी पक्षी पंख किनारा जैसा  है।

रिखड़ा  कौंळ से  (ज्यामितीय कटान ) निर्मित सपाट  स्तम्भ आधार कड़ी से  सीधे ऊपर मुरिन्ड से  मिलते हैं।  स्तम्भ आधार व ऊपर हिस्से में थांत (cricket bat blade जैसे )  शक्ल लिए हैं।  आधार पर प्रत्येक स्तम्भ के दोनों और जंगल की पत्तियां लगी हैं जिससे स्तम्भ मोटा दिखता  है।  मुरिन्ड /शीर्ष से थोड़ा नीचे प्रत्येक   ख्वाळ (दो स्तम्भ के मध्य की खाली जगह ) में  भव्य तोरणम स्थापित है।  तोरणम  तिपत्ति  नुमा है व तोरणम का निचला भाग ऐसा लगता है जैस ेगरुड़ पंख का किनारा हो।

बाकी पूरे मकान में ‘ रिखड़ा कौंळ  कटान’ (ज्यामितीय कला से कटान )  का ही उपयोग हुआ है।

निष्कर्ष निकलता है कि झैड़ ( ढांगू, पौड़ी गढ़वाल  ) में  विजेंद्र मैठाणी के  भव्य जंगलेदार  मकान में ‘काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत ‘  के  ’ रिखड़ा कौंळ  कटान’ (ज्यामितीय कला से कटान ) से ही ज्यामितीय अलंकरण हुआ है।   जंगला भव्य दीखता है व कलाकारों की प्रशंसा आवश्य्क है।

फोटो आभार:  मयंक कुकरेती गटकोट 

सूचना आभार  : विवेकानंद जखमोला  गटकोट

Copyright @ Bhishma  Kukreti

Traditional House wood Carving Art of West South Garhwal l  (Dhangu, Udaipur, Ajmer, Dabralsyun,Langur , Shila ),  Uttarakhand , Himalaya

दक्षिण पश्चिम  गढ़वाल (ढांगू , उदयपुर ,  डबराल स्यूं  अजमेर ,  लंगूर , शीला पट्टियां )   तिबारियों , निमदारियों , डंड्यळियों, बाखलियों  ,खोली , कोटि बनाल  में काष्ठ उत्कीर्णन कला /अलंकरण,  नक्काशी  श्रृंखला  -

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान ,  बाखली , खोली, कोटि बनाल   ) काष्ठ अंकन लोक कला , नक्स , नक्काशी )  -

Traditional House Wood Carving Art (Tibari) of Garhwal , Uttarakhand , Himalaya -

Traditional House Wood Carving  (Tibari ) Art o Jhair f, Dhangu, Garhwal, Uttarakhand ,  Himalaya; Traditional House Wood Carving (Tibari) Art of  Udaipur , Garhwal , Uttarakhand ,  Himalaya; House Wood Carving (Tibari ) Art of  Ajmer , Garhwal  Himalaya; House Wood Carving Art of  Dabralsyun , Garhwal , Uttarakhand  , Himalaya; House Wood Carving Art of  Langur , Garhwal, Himalaya; House wood carving from Shila Garhwal  गढ़वाल (हिमालय ) की भवन काष्ठ कला , नक्काशी  , हिमालय की  भवन काष्ठ कला  नक्काशी , उत्तर भारत की भवन काष्ठ कला , लकड़ी पर नक्काशी , नक्श , नक्काशी

 

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