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Aug
31

लाखामंडल (देहरादून ) में शिव मंदिर के निकट एक भवन में ‘ काठ लछ्याणौ , कुर्याणौ पाड़ी ब्यूंत’ काष्ठ अंकन लोक कला

 

 

  लाखामंडल   (देहरादून ) में शिव मंदिर   के निकट एक भवन में काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत‘ काष्ठ अंकन लोक कला  अलंकरण, नक्कासी 

Traditional House Wood Carving Art (Tibari) of  Dehradun , Garhwal , Uttarakhand , Himalaya

गढ़वाल, उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार ,  बाखली  , कोटि बनाल , खोली , मोरी    ) में   ’ काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत’ काष्ठ अंकन लोक कला  अलंकरण, नक्कासी – 280

संकलन – भीष्म कुकरेती

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जौनसार , रवाईं , हरसिल घाटी में   मकान निर्माण शैली  गढ़वाल के अन्य भागों से विशेष शैली  के हैं।  आज अशोक उनियाल द्वारा   लाखा मंडल में प्राचीन शिव मंदिर  के निकट के एक मकान  की दी गयी सूचना आधार पर काष्ठ  कला, अलंकरण पर चर्चा होगी।

लाखामंडल में शिव मंदिर  के निकट   प्रस्तुत  भवन   कुछ विशेष है।  लगता है लकड़ी की संरचना  पहली मंजिल पर रखी गयी हो व संरचना कोटि  बनाल शैली में निर्मित दिखती है।    संरचना आठ सिंगाड़ों /स्तम्भों  से तिबारी /निमदारी  निर्मित है।  तिबारी /निमदारी   के सिंगाड़ /स्तम्भ  कड़ियों   पर स्थापित है।  लकड़ी के  स्तम्भ  के आधार में अधोगामी (उल्टा ) पद्म दल आकृति अंकित है।  अधोगामी कमल दल के ऊपर  तीन ड्यूल अंकित हैं।  सबसे ऊपर के ड्यूल के  ऊपर उर्घ्वगामी (सीधा ऊपर की और ) पद्म  पुष्प दल अंकित है।  यहां से सिंगाड़ /स्तम्भ लौकी आकार धारण करता है।  जहां पर स्तम्भ में  उल्टा  कमलाकृति प्रकट होती है।  इस आकृति के ऊपर ड्यूल अंकन है।  ड्यूल के ऊपर अंजलि रूपी  खिला कमल ांकन है।  स्तम्भ सीधा ऊपर  थांत  आकर ले ऊपर मुरिन्ड /मथिण्ड /शीर्ष की कड़ी से मिल जाता है।  यहिअ किनारे की कड़ी में चतुस्दलीय पुष्प अंकन भी हुआ है। यहीं से दो संबों के मध्य मेहराब भी निर्मित हुआ है जिसका ऊपरी  बाह्य भाग  मुरिन्ड /मठिंड  शीर्ष की कड़ी से मिल जाता है।  मेहराब /तोरणम के  त्रिभुजाकार स्कन्धों में अमूर्त कला अंकन हुआ है।  मुरिन्ड की कड़ी ऊपर तख्ते हैं जो ा= ढाई पुर /मजिल बनाते हैं।

निष्कर्ष निकलता है कि लाखामंडल   (देहरादून ) में शिव मंदिर  के निकट   प्रस्तुत  भवन   में लकड़ी का काम बड़ा भव्य किस्म का ही माना जायेगा।  भवन में ’ काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत’ से    ज्यामितीय व प्राकृतिक  अलंकरण अंकन हुआ है।

सूचना व फोटो आभार : अशोक उनियाल 

यह लेख कला संबंधित है न कि मिल्कियत संबंधी ,. सूचनायें  श्रुति माध्यम से मिलती हैं अत:  भौगोलिक , मिल्कियत  सूचना में व असलियत में अंतर हो सकता है जिसके लिए  संकलन कर्ता व  सूचनादाता  उत्तरदायी नही हैं .

Copyright @ Bhishma Kukreti, 2020

देहरादून , गढ़वाल में तिबारी , निमदारी , जंगलेदार, बाखली , कोटि बनाल  मकानों में काष्ठ कला , अलंकरण , नक्कासी  श्रृंखला जारी रहगी

Traditional House Wood Carving of Dehradun Garhwal , Uttarakhand , Himalaya  will be continued -

House Wood Carving Ornamentation from Vikasnagar Dehradun ;  House Wood Carving Ornamentation from Doiwala Dehradun ;  House Wood Carving Ornamentation from Rishikesh  Dehradun ;  House Wood Carving Ornamentation from  Chakrata Dehradun ;  House Wood Carving Ornamentation from  Kalsi Dehradun ;  चकराता , देहरादून में मकान में लकड़ी पर नक्कासी श्रृंखला जारी रहेगी ;  डोईवाला देहरादून में मकान में लकड़ी पर नक्कासी श्रृंखला जारी रहेगी ;  विकासनगर देहरादून में मकान में लकड़ी पर नक्कासी श्रृंखला जारी रहेगी ; कालसी देहरादून में मकान में लकड़ी पर नक्कासी श्रृंखला जारी रहेगी ;  ऋषिकेश देहरादून में मकान में लकड़ी पर नक्कासी श्रृंखला जारी रहेगी

 

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