«

»

Sep
25

नायी ( पिंगला पाखा , पौड़ी गढ़वाल ) में स्व जसवंत सिंह की तिबारी व निमदारी युक्त मकान में काष्ठ कला

नायी   ( पिंगला पाखा पौड़ी गढ़वाल )  में स्व जसवंत सिंह की तिबारी व निमदारी युक्त मकान में  काष्ठ कला अलंकरण, अंकन , लकड़ी नक्कासी

Tibari House Wood Art in House of  Nayi , Pingla Pakha  , Pauri Garhwal

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड,  की भवन (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान , बाखली  , खोली  , मोरी ,  कोटि बनाल  ) में काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत ‘  की   काष्ठ कला अलंकरण, अंकन , लकड़ी नक्कासी-298

संकलन – भीष्म कुकरेती 

-

पोखड़ा (पौड़ी ) से काष्ठ कला युक्त भवनों की  सूचनाएं लगातरा मिलती जा रही हैं।  आज इसी क्रम में नायी   ( पिंगला पाखा , पौड़ी गढ़वाल )  में स्व जसवंत सिंह की तिबारी व निमदारी युक्त मकान में  काष्ठ कला अलंकरण, अंकन , लकड़ी नक्कासी  पर चर्चा होगी।   नाई ( पिंगला पाखा ) के स्व जसवंत  सिंह  के मकान में  काष्ठ  कला समझने हेतु मकान के तल मंजिल में कुठार /भंडार गृहों  के मुरिन्ड  में तोरणम /मेहराब , पहली मंजिल में  एक  ओर  निमदारी के स्तम्भों व  तिबारी के स्तम्भों पर टक्क लगाना आवश्यक है।

नायी  गाँव के स्व जसवंत सिंह के मकान में दोनों ओर निमदारी के नीचे तल मंजिल मर बड़े बड़े कमरे हैं व उनके दरवाजे भी बड़े बड़े हैं।  दरवाजों के मुरिन्ड (मथिण्ड , शीर्ष ) में  ज्यामितीय तोरणम /मेहराब स्थापित हैं।   मकान के  एक  ओर पहली मंजिल में निमदारी है जसमें दस स्तम्भ हैं।  स्तम्भ व ऊपरी कड़ी सभी सपाट  हैं।  इन स्तम्भों व कड़ी में केवल ज्यामितीय कटान  विद्यमान हैं।

नायी  गाँव के स्व जसवंत सिंह    के पहली मंजिल में  मकान में  एक ओर  तिबारी है।  तिबारी   पांच स्तम्भ  व चार ख्वाळों की तिबारी है।   सभी सिंगाड़ / स्तम्भ देहरी के ऊपर स्थपित हैं।  सभी स्तम्भ  एक जैसे हैं।  स्तम्भ  पत्थर के आधार पर टिके  हैं।  स्तम्भ का  आधार  उल्टे कमल आकृति से निर्मित कुम्भी हैं।  कुम्भी के ऊपर ड्यूल  है जिसके ऊपर उर्घ्वगामी पद्म  पुष्प दल आकृति है व यहां से  सिंगाड़ /स्तम्भ  लौकी आकृति धारण कर ऊपर बढ़ता है।  जहां पर  स्तम्भ की सबसे कम मोटाई है वहां से स्तम्भ थांत  (Cricket Bat  Blade ) रूप धारण कर ऊपर मुरिन्ड /मथिण्ड  की कड़ी से मिल जाता है।   यहीं से स्तम्भ से तोरणम का अर्ध चाप भी शुरू होता है जो सामने के स्तम्भ के अर्ध चाप से मिल पूर्ण तोरणम बनता है।  मेहराब के स्कंध तके दो त्रिभुज हैं।  त्रिभुजों के अंदर सूरजमुखी नुमा पुष्प सुसज्जित हैं।  त्रिभुज में लता नुमा  आकृतियां अंकित हैं।  तिबारी की मुरिन्ड /मथिण्ड  में कई स्तर की कड़ियाँ हैं व एक कटान युक्त कला अंकन हुआ है।

निष्कर्ष निकलता है कि  नायी  गाँव के स्व जसवंत सिंह  का  मकान  भव्य क्वाठा  ({ ] ) नुमा हैं।  व इस मकान में ज्यामितीय व प्राकृतिक कला अलकंरण हुआ है।

सूचना व फोटो आभार: डा जयंती प्रसाद नवानी 

यह लेख  भवन  कला संबंधित  है . भौगोलिक स्थिति व  मालिकाना   जानकारी  श्रुति से मिलती है अत: यथास्थिति में अंतर हो सकता है जिसके लिए  सूचना  दाता व  संकलन कर्ता  उत्तरदायी  नही हैं .

Copyright @ Bhishma Kukreti, 2020

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान ,बाखली ,  बाखई, कोटि बनाल  ) काष्ठ  कला अंकन नक्काशी श्रृंखला  जारी रहेगी   -

 

Tibari House Wood Art in Kot , Pauri Garhwal ; Tibari House Wood Art in Pauri block Pauri Garhwal ;   Tibari House Wood Art in Pabo, Pauri Garhwal ;  Tibari House Wood Art in Kaljikhal Pauri Garhwal ;  Tibari House Wood Art in Thalisain , Pauri Garhwal ;   द्वारीखाल पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला, लकड़ी नक्काशी  ;बीरों खाल ,  पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ; नैनीडांडा  पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ; लकड़ी नक्काशी पोखरा   पौड़ी  गढवाल पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ;  में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ; रिखणीखाळ  पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ;   पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ; जहरीखाल  पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ;  दुग्गड्डा   पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला , लकड़ी नक्काशी ; यमकेश्वर  पौड़ी  गढवाल में तिबारी,  खोली , भवन काष्ठ  कला नक्काशी ;   खम्भों  में  नक्काशी  , भवन नक्काशी  नक्काशी,  मकान की लकड़ी  में नक्श

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.