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Sep
25

रतूड़ा ( कर्णप्रयाग , चमोली )) में कृष्णा नंद रतूड़ी के मकान में तिबारी, खोली में काष्ठ कला

 

रतूड़ा ( कर्णप्रयाग , चमोली )) में कृष्णा नंद रतूड़ी  के मकान में तिबारी, खोली  में काष्ठ  कला  अलंकरण अंकनलकड़ी नक्काशी

House Wood Carving Art  from Ratura , Karnaprayag    , Chamoli

 

गढ़वाल,  कुमाऊँ  की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान , बाखली  , खोली  , मोरी , कोटि बनाल   ) में  ’काठ लछ्याणौ ,  कुर्याणौ पाड़ी  ब्यूंत‘ की काष्ठ कला  अलंकरण अंकन, लकड़ी नक्काशी- 299

संकलन – भीष्म कुकरेती   

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चमोली गढ़वाल में प्रत्येक क्षेत्र से तिबारियों , निमदारियों , जंगलेदार मकानों व अन्य विशेष मकानों की सूचना मिलती जा रही है।  इसी क्रम में आज रतूड़ा ( कर्णप्रयाग , चमोली )) में कृष्णा नंद रतूड़ी  के मकान में तिबारी, खोली  में काष्ठ  कला पर चर्चा होगी। मकान अपने समय का भव्य मकान है।

रतूड़ा ( कर्णप्रयाग , चमोली )) में कृष्णा नंद रतूड़ी  का मकान  दुपुर -दुघर (तिभित्या ) है।  मकान में तिबारी पहली मंजिल में स्थापित है व खोली तल मंजिल में स्थापित है।

मकान के तल मंजिल में  सभी कमरों के द्वार में मुख्य स्तम्भ पर नीचे नक्काशी से घुंडियां/कुम्भियाँ  बने हैं व आगे जाकर ये स्तम्भ ऊपर जाकर मुरिन्ड /मथिण्ड  के स्तर  बन जाते हैं। एक कमरे के मुरिन्ड में  देव मूर्ती दृष्टिगोचर हो रही है।

मकान की खोली (आंतरिक सीढ़ियों हेतु प्रवेशद्वार ) में दोनों ओर सिंगाड़ /मुख्य स्तम्भ हैं जो कम से कम तीन उप स्तम्भों के युग्म से बने हैं।  दो उप स्तम्भ सीधे हैं जिन पर आधार से कुछ ऊपर सर्पिल लतानुमा अंकन हुआ है. दो अन्य स्तम्भों के आधार पर उलटे कमल दल , ड्यूल व सीधे कमल दल से घुंडियां दृष्टिगोचर हो रही है व यहां से उप स्तम्भों में गुल्म लता अंकन हुआ दीखता है।  सभी उप स्तम्भ ऊपर जाकर मुरिन्ड /मथिण्ड /शीर्ष का स्तर बनते हैं।  मुरिन्ड में देव मूर्ति स्थापित है।

मकान की तिबारी प्रथम मंजिल में है. तिबारी चौखम्या (चार स्तम्भ ) व तिख्वळया है।  स्तम्भ का आधार पत्र के आधार पर टिके  हैं।  स्तम्भ के आधार में उलटे कमल दल से कुम्भी बनी है , कुम्भी के ऊपर ड्यूल है व ड्यूल के ऊपर उर्घ्वगामी पद्म पुष्प दल अंकित है।  यहां से स्तम्भ लौकी शक्ल अख्तियार करता है।  जहां पर सबसे  कम  मोटाई है वहां पर उल्टा कमल दल अंकन हुआ है जिसके ऊपर ड्यूल है व ड्यूल के ऊपर कमल फूल खिला है।  कमल फूल के ऊपर से स्तम्भ ऊपर की ओर  थांत आकर लता है व मुरिन्ड /शीर्ष से मिल जाता है।  यहीं से मेहराब का आधा चाप भी निकलता है जो सामने के  अर्ध चाप से मिल तोरणम /मेहराब बनाते हैं।  मेहराब के स्कंध त्रिभुज में सूरजमुखी नुमा फूल अंकन हुआ है।  मुरिन्ड में अंकन अस्पष्ट है।

सूचना व फोटो आभार:  दिवाकर चमोली  

यह लेख  भवन  कला संबंधित  है न कि मिल्कियत  संबंधी  . मालिकाना   जानकारी  श्रुति से मिलती है अत:  वस्तुस्थिति में  अंतर   हो सकता है जिसके लिए  सूचना  दाता व  संकलन कर्ता  उत्तरदायी  नही हैं .

Copyright @ Bhishma Kukreti, 2020

गढ़वाल,  कुमाऊँ , उत्तराखंड , हिमालय की भवन  (तिबारी, निमदारी , जंगलादार  मकान , बाखली , मोरी , खोली,  कोटि बनाल  ) काष्ठ  कला अंकन , लकड़ी नक्काशी श्रंखला जारी

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