«

»

Nov
29

सुमल्टा (चमोली ) के पंडित रामानंद खंडूड़ी कृत गढ़वाली में ज्योतिष भाष्य /टीका भाग -2

 

सुमल्टा (चमोली ) के पंडित  रामानंद खंडूड़ी कृत  गढ़वाली में ज्योतिष भाष्य /टीका भाग -

 

गढ़वाली का उन्नीसवीं सदी  अंत /   बीसवीं सदी पूर्व  भाग में गढ़वाली – 5

गढ़वाली में ज्योतिष भाष्य /टीका साहित्य – 5

प्रस्तुति – भीष्म कुकरेती 

 

आभार – आशीष खंडूड़ी 

 

—- 2 ————-

घटायेदेणोसो  अहर्गणहोये  मलमास  (स्याही मिटी है )  घटायेदेणो  वारमि  लजावत सहीसमझणोएक  कमा ( स्याही मिटी  ) हीनयायुक्त कर देणो  अववादमिलोण  का वास्ता अ हर्गण मा  अयुू  तेगुणादेणोयुक्त करणो ७ सेतपू करेणी  जोशेषरवू (स्याही मिटी )    वृ मंगल १  बुध २ गुरु ३  शुक्र ४ शनि ५ रवि ६ येकिकर  शेतेग्रहला। .. (स्याही मिट )  म्  अबखंडखादि  अहर्गणकीभाषाबोलदान II पहिले  ४०१६ पृअकचक्र   तेगुणा   … ३१२२८६ तो मा जोडदेणोतेदिनकोग्रहलाधचि  ?? अहर्गण मी  जोडणु  सोखंडखादिअहर्गणहोये  त खंडखादि अहर्गणसे ग्रहलाघ  वीं   अहर्गण ???? णाकीरीती वतलाना  चक्रसहित मिल द   खंडखादि

 

इति सुमल्टा (चमोली ) के पंडित  रामानंद खंडूड़ी कृत  गढ़वाली में ज्योतिष भाष्य /टीका

 

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.