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Nov
30

अद्भुत रस अभिनय : अद्भुत (खौंळेणो पाठ खिलण )

 

अद्भुत रस अभिनय : अद्भुत (खौंळेणो पाठ खिलण ) 

 

भरत नाट्य  शास्त्र  अध्याय – 6: रस व भाव समीक्षा - 17

भरत नाट्य शास्त्र गढवाली   

अनुवाद शास्त्री  – भीष्म कुकरेती   

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स्पर्शग्रहोल्लुकसनैर्हाहाकारैश्च सादुवादैश्च  I 

वेपथुगद्गदवचनै: स्वदेाद्यरभिनयस्तस्य  I I । 6 . 76  ।   

अद्भुत रसौ पाठ खिलण कुण  कै वस्तु तै देखिक खौंळेण से , अचाणचक हाहाकार करण से , कै तै साधुवाद दीण से या बड़ैं करण  से , सरैल म कम्पन पैदा करण  से , गौळ गदगद करण से , या स्वेद आण से दिखाए जांद।  

भरत  नाट्य शास्त्र अनुवाद  , व्याख्या सर्वाधिकार @ भीष्म कुकरेती मुम्बई

भरत नाट्य  शास्त्रौ  शेष  भाग अग्वाड़ी  अध्यायों मा  Definition of Raptures nd Emotions in Garhwali

 

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