«

»

Jan
17

भनार (चम्पावत ) के भवन (बाखली ) II में कुमाऊँ शैली’ की ‘काठ कुर्याणौ ब्यूंत ‘की काष्ठ कला अंकन , अलंकरण

भनार (चम्पावत ) के भवन (बाखली )  II   में कुमाऊँ  शैली‘   की  काठ  कुर्याणौ  ब्यूंत की  काष्ठ कला अंकन अलंकरण

Traditional House Wood carving Art of  Bhanar ,  Champawat, Kumaun

कुमाऊँ ,गढ़वाल, उत्तराखंड  के भवन ( बाखली,  तिबारी, निमदारी, जंगलादार  मकान , खोली ,कोटि बनाल )  में ‘ कुमाऊँ  शैली‘   की  ’काठ  कुर्याणौ  ब्यूंत ‘की  काष्ठ कला अंकन ,  अलंकरण,-388

 

संकलन – भीष्म कुकरेती   

-

चम्पावत से भवनों की सूचना मिलती रही है।  आज भनार के भवन II   (बाखली ) में ’काठ  कुर्याणौ  ब्यूंत ‘की  काष्ठ कला अंकन ,  अलंकरण पर चर्चा होगी।   भवन II  तिपुर  है व दुखंड है।  भवन के  भ्यूं तल (Ground floor ) में भंडार व  संभवतया गौशाला हैं और कक्षों के द्वारों , सिंगाड़ों में सपाट ज्यामितीय कटान से   निर्मित सपाट  हैं।

भवन के भ्यूंतल से पहले तल तक खोली गयी है।   खोली के मुख्य  सिंगाड़  उप सिंगाड़ों /स्तम्भों के युग्म से निर्मित हुए हैं।  उप स्तम्भों  में तीन से अधिक कुम्भी /घुंडी   जो उलटे कमल दल, ड्यूल व सीधे कमल दल के अंकन से निर्मित हुयी है।  खोली का शीर्ष /मुरिन्ड /मथिण्ड  चौखट है व दुतला (दो तल ) का है।  मुरिन्ड /शीर्ष /header  में दो कड़ियों के मध्य लौह छड़ियों के उप स्तम्भ स्थापित हुए हैं।

भनार (चमपवत ) भवन II  (बाखली )  के पहले तल में छाजों /झरोखेों /ढुड्यारों  में  काष्ठ कला -

भनार के प्रस्तुत भवन (बाखली ) के पहले तल (frist  floor ) में  4  जोड़ी छाज /झरोखे /ढुड्यार  हैं।  प्रत्येक छाज में  चौखट  लगभग सपाट  उप स्तम्भ हैं  और ढ़ुड्यार /छेड़ अंडाकार हैं ऊपर सभी के शीर्ष /मुरिन्ड में तोरणम हैं तो नीचे  दो प्रकार के हैं।  एक प्रकार जंगलादार  है याने दो कड़ियों /रेलिंग के  मध्य  बेलनाकार लघु उप स्तम्भ है। दुसरे प्रकार के  सपाट  तख्तों से आधारिक छेद  ढके हैं।  तोरणम के स्कन्धों में प्राकृतिक कला अंकिं हुआ है।  तोरणम के मध्य देव मूर्ती लटकी है।

.  भनार (चमपवत ) भवन II  (बाखली )  के दूसरे तल में  बरामदा जंगल से सजा है।  जंगल में मुख्त स्तम्भ हैं जो आधार की कड़ी से ऊपर शीर्ष की कड़ी तक हैं।  आधार में स्तम्भ के दोनों ओर  पट्टिकाएँ  हैं।  स्तम्भों के मध्य आधार में दो फिट में  दो कड़ी  हैं।  आईपीआर की कड़ियों के मध्य   XX  आकर के लघु स्तम्भ हैं।  तो तल रेलिंग में बेलनाकार उप स्तम्भ लगे हैं।

भनार (चमपवत ) भवन II  (बाखली )  के दीवालों में शंकर कुल के भित्ति चित्र   चित्राकंकण हुआ है।

भनार के इस भवन /बाखली में अगस्त १९७७ चित्रकंकण हुआ है।

भनार (चम्पावत ) के भवन (बाखली )  II   उत्कृष्ट वर्ग का है व प्राकृतिक , ज्यामितीय , प्राकृतिक अलंकरण कला उत्कीर्णन भी उत्कृष्ट वर्ग की ही है।

 

सूचना प्रेरणा – अमृता वाल्दिया   

  फोटो आभार : जय ठक्कर 

यह लेख  भवन  कला संबंधित  है न कि मिल्कियत  संबंधी।  . मालिकाना   जानकारी  श्रुति से मिलती है अत: नाम /नामों में अंतर हो सकता है जिसके लिए  सूचना  दाता व  संकलन कर्ता  उत्तरदायी  नही हैं .

Copyright @ Bhishma Kukreti, 2020

Bakhali House wood Carving Art in  Champawat Tehsil,  Champawat, Uttarakhand;  Bakhali    House wood Carving Art in  Lohaghat Tehsil,  Champawat, Uttarakhand;  Bakhali , House wood Carving Art in  Poornagiri Tehsil,  Champawat, Uttarakhand;  Bakhali , House wood Carving Art in Pati Tehsil ,  Champawat, Uttarakhand;  चम्पावत , उत्तराखंड में भवन काष्ठ कला,  चम्पावत    तहसील , चम्पावत , उत्तराखंड में भवन काष्ठ कला,  ; लोहाघाट तहसील   चम्पावत , उत्तराखंड में भवन काष्ठ कला अंकन ,  पूर्णगिरी तहसील ,  चम्पावत , उत्तराखंड में भवन काष्ठ कला अंकन   ;पटी तहसील    चम्पावत , उत्तराखंड में भवन काष्ठ कला,, अंकन

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.