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Jan
26

५१ से बिंडी प्रकारै पारम्पारिक उत्तराखंडी पळ्यो अर कढ़ी (झुऴळी )

५१ से बिंडी  प्रकारै  पारम्पारिक  उत्तराखंडी पळ्यो अर कढ़ी (झुऴळी ) 

 

             (प्राचीन  कालै  उत्तराखंडी कढ़ी /झुळ्ळी  विशेष ) 

 

  (“ गढ़ भोज वर्ष”  कुण  उत्तराखंडौ  पारम्परिक भोजन श्रृंखला) 

                  इकबटोळ - भीष्म कुकरेती 

 

आमतौर पर उत्तराखंड म झुळ्ळी  या कढ़ी  छांच से पकाये जांद . पर दही से बि कढ़ी /झुळ्ळी बणाये जांद .

पळ्यो अर  झुळ्ळी  म आधारभूत अंतर् च बल पळ्यो म  पकान्द  दैं मसाला , लूण  नि  मिलाये जांद।  हाँ  गुड़ डाळे  सक्यांद  च।

इलै जथगा  प्रकारौ झुळ्ळी  तथगा  प्रकारौ  पळ्यो बि हूंद।

झुळ्ळी /कढ़ी मुख्यतया  तीन प्रकारै हूंदी -

लुण्यां - केवल लूण मर्च आदि। 

मिठिकेवल मिठि झुळ्ळी 

लुण्या अर मिठि  झुळ्ळी :  गुड़ , चिन्नी।  पैल  शीरा क बि बणदि छे। 

आम तौर पर पैल  बगैर छौंका लगायिक झुळ्ळी /कढ़ी बणदि  छे किन्तु अब छौंकिक बि बणदि।

झुळ्ळी /कढ़ी बणानो कुण  छांच या दही दगड़ आलण, लूण /मिठु , मसाला , हल्दी , हींग , जम्बू , मर्च   मिलैक उबाळे  जांद।

आम कढ़ी /झुळ्ळी पकाणों  अवयव/ सामग्री  -

आलण , एक कटोरी – झंगर्याळ /आटु

१/२ लीटर छांच

आदो /अदरक

ल्यासण कटयूं

गंद्यला पत्ता (कड़ी पता )

१ चमच  हींग

जम्बू

छौंकणो – राई /जख्या ार लाल मर्च

धणया , हल्दी , गर्म मसाला आदि।

आलण (कढ़ी माध्यम ) का अनुसार उत्तराखंड म  निम्न प्रकारै झुळ्ळी /कढ़ी पकाये जांद -

झंग्वरै  लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

झंग्वरै   मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

झंग्वरै  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी / कढ़ी

कट्यां चौंळुं  लु ण्या कढ़ी /झुळ्ळी

कट्यां चौंळुं  मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

कट्यां चौंळुं  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

कौणिक लु ण्या कढ़ी /झुळ्ळी

कौणिक मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

कौणिक लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

चूनौ ( क्वादो  आटो  ) लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

चूनौ ( क्वादो  आटो  )    मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

चूनौ ( क्वादो  आटो  )  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

मुंगराड़िक  (मकई आटो ) लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

मुंगराड़िक  (मकई आटो ) मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

मुंगराड़िक  (मकई आटो )   लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

ओगळौ  आटो क लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

ओगळौ  आटो क मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

ओगळौ  आटो क लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

काचो मुंगरी पीसिक लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

काचो मुंगरी पीसिक मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

काचो मुंगरी पीसिक लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

मरस्वाड़ी (मर्सू , राजगिरा आटौ  )    लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

मरस्वाड़ी (मर्सू , राजगिरा आटौ  )  मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

मरस्वाड़ी (मर्सू , राजगिरा आटौ  )  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

बजरो  आटौ  लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

बजरो  आटौ  मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

बजरो  आटौ  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

जुंडळौ  (जवार ) आटौ लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

जुंडळौ  (जवार ) आटौ  मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

जुंडळौ  (जवार ) आटौ  लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

जौ आटौ लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

जौ आटौ मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

जौ आटौ लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

भट्टौ आटु लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

भट्टौ आटु   मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

भट्टौ आटु -मिठि  झुळ्ळी

बेसणै  लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

बेसणै मिठि  कढ़ी /झुळ्ळी

बेसणै लुण्या -मिठि  झुळ्ळी

उत्तराखंड की कुछ झुळ्ळी /कढ़ी जु  अब प्रचलन म नि छन -

बसिंगो आटौ  लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

सिरळौ  आटो   या अन्य जंगली जड़ों आटो लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

तूंगो   या अन्य  जंगली फलों /बीजों  आटो  से    लुण्या  झुळ्ळी

तैड़ू क लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

शकरकंदै  आटो लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

शलजम कु  आटौ   लुण्या कढ़ी /झुळ्ळी

अकाल समय कुछ जंगल का बीजों।  जड़ से बणयूं आटो से बि  झुळ्ळी /कढ़ी बणदी छे।

प्राचीन कालम जख आम बिंडी  हूंद छा  वो कबि कबि छांछौ  स्थान पर खट्टा /कच्चा ऍम बि प्रयोग करदा छा।

भौत बार इन  बि दिखे  गे  बल झंग्वर , कौणी आटो /पीठ से बि  कढ़ी /झुळ्ळी   बणाये जांद छे।

कबि कबि  तोरौ  आटो  बि  कढ़ी /झुळ्ळी    बणदी छे अब बेसन उपलब्धि से बंद ह्वे गे।

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