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Sep
03

अल्मोड़ा बजार के भवन १४ में ‘ काष्ठ कला अंकन , अलंकरण, उत्कीर्णन

ल्मोड़ा  बजार  के भवन १४ में  ‘ काष्ठ कला  अंकन , अलंकरण, उत्कीर्णन

Traditional House Wood Carving art of, Almora, Kumaon
कुमाऊँ ,गढ़वाल, के भवन  में ( बाखली ,तिबारी, निमदारी ,जंगलादार  मकान  खोली,  कोटि बनाल )   कुमाऊं की    ‘ काष्ठ कला  अंकन , अलंकरण, उत्कीर्णन -  504

 

 संकलन - भीष्म कुकरेती 

 अल्मोड़ा से गजेंद्र बिष्ट के संग्रह से कई  काष्ठ कला युक्त भवनों  की सूचना मिली है। 

आज  अल्मोड़ा  बजार के भवन १४ की काष्ठ कला पर चर्चा होगी। 

 प्रस्तुत अल्मोड़ा बजार  भवन  १४ तिपुर ( तल +२ )   व बाखली का एक भाग का है व छाया चित्र  में दो तल के झरोखों /छाजों  की ही सुचना मिली है। प्रस्तुत अल्मोड़ा बजार के भवन में काष्ठ कला उत्कृष्ट है। 

  प्रस्तुत भवन में काष्ठ कला समझने हेतु निम्न स्थलों की काष्ठ उत्कीर्णन समझना आवश्यक है -

छाजों  के सिंगाड़ों /स्तम्भों में काष्ठ कला 

छाजों के निम्न भाग के ढक्क्नों में काष्ठ कला 

मुख्य छाजों  के अतिरिक्त अन्य छज्जों में जालीदार कला 

छाजों  में तोरणम की काष्ठ कला 

अन्य 

मुख्य स्तम्भों के आधार में  उलटे कमल दल का उत्कीर्णन हुआ है फिर ड्यूल है व ऊपर सीधे कमल दल का अंकन हुआ है व पुनः कुछ ऊपर इन्ही आकारों का दोहराव है। 

तीन  मुख्य  छाज जिनके  उनके नीचे आधार ढक्क्न पर चारपाई के पाए या हुक्के की नई /खड़ी छड़ी  के आकृतियों के छोटे छोटे स्तम्भ हैं। 

बाकी कुछ छाजों  के नीचे जालीदार XXX  नुमा आकृति का उत्कीर्णन हुआ है। 

छाजों  के तोरणमों में ज्यामितीय कटान की नक्कासी हुयी है। 

 शेष स्थलों में ज्यामितीय कटान की कला दृष्टिगोचर हो रही है। 

हर चार छाजों के बाद संगाड़ों  में दो स्थलों में चतुर्भुज गणपति का उत्कीर्णन हुआ है। 

निष्कर्ष निकलता है कि  अल्मोड़ा बजार के भवन संख्या १४ के छाजों  में ज्यामितीय कटान , प्राकृतिक व मानवीय अलंकरणों की कला उत्कीर्णन हुआ है व  उकृष्भट   कला उत्कीर्णन हुआ है। 

सूचना व फोटो आभार :  गजेंद्र बिष्ट संग्रह 

यह लेख  भवन  कला संबंधित  है न कि मिल्कियत  संबंधी।  . मालिकाना   जानकारी  श्रुति से मिलती है अत: नाम /नामों में अंतर हो सकता है जिसके लिए  सूचना  दाता व  संकलन कर्ता  उत्तरदायी  नही हैं .

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