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Oct
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हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में कत्यूरी युग : कत्यूरी सेना व सेना प्रशासन


हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में   कत्यूरी युग  :   कत्यूरी सेना व सेना प्रशासन           

 हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में उत्तराखंड पर कत्यूरी राज भाग  – ५४
Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History with reference  Katyuri rule -54 
Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  - 356  

                           
हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग - ३५६                  


                  इतिहास विद्यार्थी ::: आचार्य भीष्म कुकरेती -

कत्यूरी नरेश वीर तो थे ही अपनी बड़ी सेना हेतु भी प्रसिद्ध थे।  कत्यूरी सेना बड़ी रही होगी तभी तो २५० वर्षों तक राज किये थे।  यशोरवमं चंदेल ने खस नरेश (कत्यूरी )  पर आक्रमण किया  किन्तु कुछ हानि न कर स्का ( यशोवर्मन , खजुराहो शिलालेख परं १७) ।
कत्यूरी सेना के चार भाग होते थे -
पदातिक (गौल्मिक )
अश्वारोही
गजारोही
उष्ट्रारोहि
अंतिम तीन सेनाओं के अधिकारी निम्न होते थे (२ ) -
अश्वबलाधिकृत
हस्तिबलाधिकृत
उष्ट्रबलाधिकृत
गजों व हाथियों का उपयोग बिजनौर , उधम सिंह नगर, हरिद्वार  व सहरानपुर, देहरादून  में ही संभव था।  सेना का संचालन संभवतया राजा ही करते थे।  ईशत्व देव के शासन में उसे कृपाण से हाथी मस्तिष्क काटने वाला बताया गया है (२ )।
संदर्भ :
 १ – शिव प्रसाद डबराल ‘चारण ‘ ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग ३ वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड , पृष्ठ  ४६८  
२- शिव प्रसाद डबराल ‘चारण ‘ ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग १  वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड पृष्ठ ३८५
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हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का  कत्यूरी युगीन प्राचीन  इतिहास   अगले खंडों में , कत्युरी वंश इतिहास और हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर , कत्यूरी युग में हरिद्वार , सहारनपुर व बिजनौर  इतिहास , कत्यूरी नरेशों की शासन पद्धति , कत्यूरी राज में जनता , कत्यूरी राज में मंत्री परिषद आदि 
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