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Oct
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हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में कत्यूरी युग : कत्यूरी राजाओं द्वारा सीमा रक्षा रणनीति


हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में   कत्यूरी युग  :   कत्यूरी राजाओं द्वारा सीमा रक्षा रणनीति    
     

 हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर इतिहास संदर्भ में उत्तराखंड पर कत्यूरी राज भाग  – ५५
Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History with reference  Katyuri rule -55 
Ancient  History of Haridwar, History Bijnor,   Saharanpur History  Part  -357   

                           
हरिद्वार इतिहास ,  बिजनौर  इतिहास , सहारनपुर   इतिहास  -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग -  ३५७                 


                  इतिहास विद्यार्थी ::: आचार्य भीष्म कुकरेती -

चन्द्रगुप्त मौर्य की भाँती कत्यूरी नरेश भी अपनी सीमाओं की रक्षा चौकसी व रणनीति अनुसार करते थे।
सीमारक्षक अधिकारी प्रांतपाल कहलाया जाता था (१ )।
बिभिन्न घाटों में घात रक्षक तैनात थे जो जल  परिहवन कर  भी  उगाते  थे।  सीमान्त मार्गो के रक्षक वर्त्मपाल कहलाये जाते थे (२ , ३ )।
संदर्भ :
 १ – शिव प्रसाद डबराल ‘चारण ‘ ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग ३ वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड , पृष्ठ   ४६८ 
२- शिव प्रसाद डबराल ‘चारण ‘ ,  उत्तराखंड का इतिहास भाग १  वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड पृष्ठ ३८५
३ ललित शूर ताम्र पत्र परं १४ उत्तराखंड का इतिहास भाग ३ वीरगाथा प्रेस दुगड्डा , उत्तराखंड , पृष्ठ   ४६८
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हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का  कत्यूरी युगीन प्राचीन  इतिहास   अगले खंडों में , कत्युरी वंश इतिहास और हरिद्वार , सहारनपुर , बिजनौर , कत्यूरी युग में हरिद्वार , सहारनपुर व बिजनौर  इतिहास , कत्यूरी नरेशों की शासन पद्धति , कत्यूरी राज में जनता , कत्यूरी राज में मंत्री परिषद आदि 
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