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Aug
20

गढ़वाल की विभूतियाँ 13

गढवाळ का नामी गिरामी लोक (मलारी जुग बिटेन अब तलक ) : फडक -13

गढ़वाल की विभूतियाँ (मलारी युग से वर्तमान तक ) : भाग 13

Great Garhwali Personalities (Malari Era till Date): Part 13

भीष्म कुकरेती (Bhishm Kukreti )

( ये लेख कु उद्देश्य नवाड़ी साख/छिंवाळी/न्यू जनरेशन तैं गढवाळी भाषा मां अपण ऊँ लोकुं तैं याद कराण जौंक कारण आज गढवाळ च , जौंक वजै से आज हम तैं घमंड च /गर्व च )

महाराजा हर्षवर्धन अर वैका बंश (500-647) क समौ कु उत्तराखंड

हर्षवर्धन कु समौ कु इतिहास अबी तलक पुरो त जाणि द्याओ कुछ बि उपलब्ध नी च . बस चीनी गौन्त्या यूअन -चांग को लिख्युं से काम चलणु च , जैन बोली बल उत्तराखंड का कुछ हिस्सों पर हर्षवर्धन को राज छौ.तै बगत उत्तराखंड मा तीन रज्जा छया

१- स्त्रुघन जनपद – यमुना क पच्छमी पणढाल से लेकी गंगा जी तलक . ये राज मा स्त्रुघन/स्त्रुघिन , मयुर्नगर, ख़ास शहर छया

२- ब्रह्मपुर जनपद – गंगा जी से करनाली लेकी काली गंगा तलक : बड़ाहाट , बैराट , श्रीनगर , लाल ढंग, बिजनौर कु ब्धापुर अर आजौ ब्रह्मपुर गाँव

३- गोविषाण जनपद – नौनीताल क भाबर, तराई भूभाग का अलावा पूरबी भाग का मैदान : इन लगद ये समौ पर तालेश्वर पर पौरव नरेशुं क शाशन छौ . इख तेस से जादा हिन्दू मन्दिर छ्या

जयगुप्त : स्त्रुघन जनपद मा हालांकि बहुमत हिन्दू (सनातनी) कु छौ पण बुद्ध धर्मी अपण प्रचार करदा ही था. इख बौध विद्वान् रौंदू था जैक नाम जाय देव थौ

Reference : Dr Shiv Prasad Dabral , Uttarakhand ka Itihas – 3 (History of Garhwal Uttarakhand , )

(History of Early Garhwal, History of Early Kumaun )

…… बकै 14 वां खंड मा बाँचो

To be continued in 14th part ……..

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