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Aug
20

गढ़वाल की विभूतियाँ (मलारी युग से वर्तमान तक ) : भाग 15

गढवाळ का नामी गिरामी लोक (मलारी जुग बिटेन अब तलक ) : फडक -15

गढ़वाल की विभूतियाँ (मलारी युग से वर्तमान तक ) : भाग 15

Great Garhwali Personalities (Malari Era till Date): Part 15

भीष्म कुकरेती (Bhishm Kukreti )

( ये लेख कु उद्देश्य नवाड़ी साख/छिंवाळी/न्यू जनरेशन तैं गढवाळी भाषा मां अपण ऊँ लोकुं तैं याद कराण जौंक कारण आज गढवाळ च , जौंक वजै से आज हम तैं घमंड च /गर्व च )

पर्वताकर का पौरव -राजवंश ( 647- 735 AD)

अल्मोड़ा क तलेश्वरी मा एक पुंगड़औ भीड़ा से प्राप्त ताम्रपत्र से मालूम होंद बल कत्युरी राजाओं से पैली उत्तराखंड पर पौरव राजाओं कु राज छौ . पुरवा या पौरव राजवंश सोम दिवाकर वंशी माणदन अर ताम्रपत्र मा सोम वंशी . पौरव वंश तैं पुरवा का वंशज बताये जांद

विष्णुवर्मन: इन लगद विष्णुवर्मन हर्ष को समौ पर ब्रह्मपुरी को शाषक थौ

वृषभ वर्मन प्रथम: हर्ष को समौ पर ब्रह्मपुरी को शाषक थौ

परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन: वृषभ वर्मन को नौनु परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन ह्व़े. परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन गो ब्राह्मण हितैषी थौ . हूण अर कुछ-कुछ बुद्ध धर्म को कारण वर्ण शंकर व्यवस्था कुमाऊं अर गढवाल मा बि सौरी/फ़ैली गे छे . अर परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन वर्ण शंकर व्यवस्था तैं पुरी तरां खतम कार . बैरी विणाश मा परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन ज्युंरा (यमराज) क रूप मा माणे जान्द .

परमभट्टारक महाराजाधिराज द्युति वर्मन या द्विज वर्मन : परमभट्टारक महाराजाधिराज अग्निवर्मन कु नौनु द्विज वर्मन थौ

विष्णुवर्मन दुसरू : सैत च परमभट्टारक महाराजाधिराज द्युति वर्मन/द्विज वर्मन कु नौनु विष्णुवर्मन दुसरू, पौरव राज को आखरी रज्जा छौ . वो मयल़ू (विनय), भड़ (बीर,शौर्यशाली ) धीरू, गम्भीर छौ

पौरव -राजवंश का मंत्री देवद्रोणयधिकृतएकास्वामिन: तालेश्वर ताम्रपत्र कु हिसाब से एकास्वामिन पौरव बंश कु मंत्री छौ अर वैकी पदवी देवद्रोणयधिकृत छे . एकास्वमिन कु समौ क पता नी च.

पौरव -राजवंश का मंत्री देवद्रोणयधिकृतमारीपतशर्मन : तालेश्वर ताम्रपत्र कु हिसाब से मारीपतशर्मन पौरव बंश कु मंत्री छौ अर वैकी पदवी देवद्रोणयधिकृत छे

आमात्य भद्र्विष्णु: आमात्य भद्र्विष्णु पौरव बंश को एक ख़ास मंत्री छौ

Reference : Dr Shiv Prasad Dabral , Uttarakhand ka Itihas – 3 (History of Garhwal Uttarakhand , )

(History of Early Garhwal, History of Early Kumaun )

…… बकै 16 वां खंड मा बाँचो

To be continued in 16th part

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