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Sep
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अपण धरोहर अपण कोशिश: Tourist Place Devariya Taal (देवरिया ताल)

रूद्रप्रयाग से 49 किमी की दूरी पर स्थित देवरिया ताल एक सुंदर पर्यटन स्थल और हरे भरे जंगलों से घिरी हुई एक अद्भुत झील है। यह समुद्र तल से 2438 मीटर की ऊंचाई पर चोपता– ऊखीमठ रोड से 2 किमी की दूरी पर स्थित है। इस झील में चौखम्बा की श्रेणियों के साथ गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और नीलकंठ की चोटियों की मनभावन और अद्भुत छवियाँ प्रतिबिंबित होती हैं। यह झील यहाँ आने वाले यात्रियों को विभिन्न पक्षियों को देखने, नौका विहार और मतस्य आखेट आदि लोकप्रिय आनंददायी गतिविधियाँ के अवसर प्रदान करती है। किंवदंतियों के अनुसार देवता इस झील में स्नान करते थे अतः पुराणों में इसे ‘इंद्र सरोवर’ के नाम से उल्लेखित किया गया है। ऋषि-मुनियों का मानना है ‘यक्ष’ जिसने पांडवों से उनके वनवासकाल के दौरान सवाल किए थे और जो पृथ्वी में छुपे हुए प्राकृतिक खजानों और वृक्षों की जड़ों का रखवाला है, इसी झील में रहता था। यहाँ रात भर के शिविर और ट्रेकिंग दर्शकों की लोकप्रिय गतिविधियाँ है। ट्रेकर्स आमतौर पर चोपता से चढ़ाई शुरू करते हैं, जो अपहिल ट्रैक से देवरिया ताल को और पास वाले ट्रैक से  तुंगनाथ और चंद्रशिला को जोड़ता है।

पर्यटक रुद्रप्रयाग के एक छोटे से गाँव ‘त्रियुगीनारायण’ की यात्रा भी कर सकते हैं जहाँ वे हवन-कुण्ड की चिर प्रज्ज्वलित अग्नि के दर्शन कर सकते हैं।  ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह गाँव ‘हिमवत’ की राजधानी था जहाँ इस हवन-कुण्ड की अग्नि को साक्षी मान कर भगवान शिव ने माता पार्वती के साथ विवाह किया था। रूद्रप्रयाग के दूसरे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में गुप्तकाशी, ऊखीमठ, जखोली और तुंगनाथ प्रमुख हैं। पर्यटक कालीमठ, कार्तिक स्वामी मंदिर, इन्द्रासणी, मनसा देवी मंदिर, चंद्रशिला, माँ हरियाली देवी मंदिर, कोटेश्वर मंदिर और मद्महेश्वर के दर्शनों के लिए भी जा सकते हैं। यात्री रुद्रप्रयाग मंदिर के पास ही स्थित एक अन्य मंदिर जिसे जगदंबा मंदिर के नाम से जाना जाता है, के दर्शन भी कर सकते हैं। ‘अगस्त्येश्वर महादेव मंदिर’ के दर्शनों के लिए, पर्यटक बड़ी संख्या में अगस्त्य मुनि शहर की यात्रा करते हैं। किंवदंतियों के अनुसार इस जगह पर अगस्त्य मुनि ने कई वर्षों तक तपस्या की थी।

पर्यटकों को ग्रीष्म ऋतु में रुद्रप्रयाग के भ्रमण की सलाह दी जाती है क्योंकि इस ऋतु में यहाँ का मौसम सुहाना रहता है। रुद्रप्रयाग वायुमार्ग, सड़कमार्ग और रेलमार्ग से भली-भाँती जुड़ा हुआ है। बसों के द्वारा भी पर्यटक रुद्रप्रयाग तक पहुँच सकते हैं। यह जगह रणनीतिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग – 58 पर स्थित है| जो कि दिल्ली को बद्रीनाथ से जोड़ती है। गर्मियों के दौरान दिल्ली से बद्रीनाथ की यात्रा पर जाने वाली सभी बसें जोशीमठ के रास्ते पर रुद्रप्रयाग से होकर गुज़रती हैं। नियमित बसें भी ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग के लिए उपलब्ध हैं। रुद्रप्रयाग के लिए ऋषिकेश रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है। यह कुछ ट्रेनों वाला छोटा सा रेलवे स्टेशन है। पर्यटक, ऋषिकेश से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, भली-भाँती जुड़े हुए हरिद्वार रेलवे जंक्शन से भी जा सकते हैं। रुद्रप्रयाग से 183 किमी की दूरी पर स्थित देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, यहाँ के लिए निकटतम एयर बेस है। इस हवाई अड्डे से रुद्रप्रयाग के लिए टैक्सी की सुविधा उपलब्ध हैं।

चित्र सौजन्य: गूगल

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