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Sep
25

अपण धरोहर अपण कोशिश: Kali River (काली नदी, पिथौरागढ़ )

पिथौरागढ़ को प्रमुख हिल रिजोर्ट के रूप में जाना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुन्‍दरता पर्यटकों को अपनी ओर अधिक आकर्षित करती है। पिथौरागढ़ समुद्र तल से 1,851 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पिथौरागढ़ को ”लिटिल कश्‍मीर’  के नाम से भी जाना जाता है। पिथौरागढ़ के पूर्व में नेपाल, पश्चिम में अल्मोड़ा और चमोली (गढ़वाल), दक्षिण में नैनीताल और उत्तर में तिब्बत स्थित है। यह जगह मुख्‍य रूप से सोर घाटी के लिए जानी जाती है। पिथौरागढ़ चार पर्वतों चंडाक, ध्‍वज, थाल केदार और कुंदर के मध्‍य स्थित है। पिथौरागढ़ का महत्व चन्द राजाओं के समय से रहा है। यह नगर सुन्दर घाटी के बीच बसा है।

आइये आज बात करते हैं पिथौरागढ़ में बहने वाली एक नदी के बारे में, जिसे काली गंगा कहा जाता है। इस नदी को शारदा नदी के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि देवी काली के नाम से इस नदी का नाम काली नदी पड़ा । काली नदी का उद्गम स्थान व्रह्द्तर हिमालय में ३६०० मी० की ऊँचाई पर स्थित कालापानी नामक स्थान पर है। जो भारत के उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में है। इस नदी का नाम काली माता के नाम पर पड़ा जिनका मंदिर कालापानी में लिपुलेख दर्रे के निकट भारत और तिब्बत सीमा के पास स्थित है। काली नदी जौलजीबी नामक स्थान पर में गोरी नदी से मिलती है। यह स्थान एक वार्षिक उत्सव के लिए जाना जाता है। उसके बाद यह काली नदी के नाम से आगे बढती है पर्यटक यहां आकर काली नदी के विभिन्‍न चुनौतीपूर्ण ट्रैक्‍स पर राफ्टिंग का आनंद उठाते हैं। पंचेश्वर में यह उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र की लगभग सभी बड़ी नदियों को अपने में समेटकर आगे बढती है और टनकपुर होते हुए बनबसा पहुंचती है और यहाँ इसे शारदा नदी के नाम से जाना जाता है। आगे चलकर यह नदी करनाली नदी से मिलती है और बहराइच जिले में पहुँचने पर इसे एक नया नाम मिलता है, सरयू और आगे चलकर यह गंगा नदी में मिल जाती है। इस प्रकार यह नदी धारचूला से बहराइच तक भारत- नेपाल सीमा के सीमांकन के रूप में भी कार्य करती है।

पिथौरागढ़ (धारचूला) की यात्रा करने के लिए गर्मी और मानसून का मौसम बिलकुल उचित नहीं है। अगर पर्यटक यहां की मजेदार और आरामदायक सैर करना चाहते हैं तो सर्दियों के मौसम में भ्रमण के लिए आएं। इस दौरान क्षेत्र की जलवायु अच्‍छी होती है। धारचूला, सड़क मार्ग द्वारा पिथौरागढ़ से जुड़ा हुआ है। यहां से पिथौरागढ़ के लिए राज्य सरकार द्वारा बसें चलाई जाती हैं। बसें, अंतर्राज्‍यीय बस टर्मिनल, आनंद बिहार, दिल्ली से चम्पावत, अल्मोड़ा और टनकपुर के लिए चलती हैं। वैसे पर्यटक सुविधा के लिए इन जगहों से प्राईवेट टैक्सी या कैब भी किराए पर ले सकते हैं। धारचूला के लिए सबसे नजदीकी रेलहेड, टनकपुर रेलवे स्टेशन है जो लगभग 218 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह स्टेशन, देश के कई मुख्य शहरों से नियमित चलने वाली ट्रेनों के द्वारा जुड़ा हुआ है। पर्यटक, रेलवे स्टेशन से धारचूला तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। धारचूला का सबसे नजदीकी एयरबेस पंतनगर एयरपोर्ट है जो धारचूला से 317 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह हवाई अड्डा, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित उड़ानों के द्वारा जुड़ा हुआ है। दिल्ली के हवाई अड्डे से पर्यटक देश के अन्य राज्यों व शहरों के अलावा दूसरे देश भी जा सकते हैं। पंतनगर एयरपोर्ट से धारचूला के लिए टैक्सी और बस किराए पर चलती हैं।

चित्र सौजन्य: गूगल

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