Apr
19

कुछ नये अनाज , फल , सब्जी जिसने उत्तराखंड आर्थिक स्थिति बदली

कुछ नए अनाज , सब्जी , फल, पेय पदार्थ जिन्होंने उत्तराखंड की आर्थिक दशा बदली

New Crops of British Period those changed Uttarakhand Economics
( ब्रिटिश युग में उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म- )

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन (पर्यटन इतिहास ) -78

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand (Tourism History ) – 78

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series–182)
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग -182

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

कृषि , अनाज , फल किसी भी भूभाग के पर्यटन को परोक्ष व अपरोक्ष रूप से न्यूनाधिक प्रभावित करते हैं। ब्रिटिश काल में उत्तराखंड में कई आर्थिक परिवर्तन हुये उनमे से एक था वनों को कृषि भूमि में परिवर्तन व दूसरा कुछ अनाज या भोज्य पदार्थों का आगमन -
तम्बाकू
पुर्तगाली या स्पेनी व्यापारियों के कारण तम्बाकू पेय ग्रामीण उत्तराखंड में पंहुचा व पहाड़ों की कृषि का एक अहम हिस्सा ही नहीं बना अपितु तम्बाकू आगमन से हुक्का निर्माण को भी बल मिला। कई गाँव हुक्का निर्माण के लिए प्रसिद्ध हो गए और हुक्का ने शिल्पकारों हेतु नया आर्थिक सोपान खोला। तम्बाकू ब्रिटिश काल से पहले ही उत्तराखंड में प्रचलित हो चूका था। ब्रिटिश काल में बीड़ी -सिगरेट का प्रचलन शुरू हुआ।
चाय
ग्रामीण उत्तराखंड में चाय प्रचलन भी ब्रिटिश काल की देन है। ब्रिटिश व यूरोपीय व्यापारियों ने उत्तराखंड में चाय बगान भी निर्मित किये किन्तु रूस की आयात नीति व कुमाउनी व गढ़वालियों द्वारा चाय बगानों में कठिन परिश्रम में न आने से चाय बगान बंद पड़ गए। किन्तु चाय की मांग बढ़ गयी और चाय पर्यटन का एक प्रमुख अंग बन गया। शक़्कर उपभोग में वृद्धि भी ब्रिटिश काल की देन है। लूण -गूड़ आयात के साथ चाय चिन्नी भी आयात में शुमार हो गए।
मक्का /मकई /मुंगरी
मक्का को लैटिन अमेरिका या नई दुनिया से पुरानी दुनिया में प्रवेश करा ने का श्रेय कलमबस को जाता है। भारत में मक्का ब्रिटिश काल से पहले ही प्रवेश कर चूका था. बुचनान हैमिलटन 1819 में लिखता है कि कांगड़ा में गरीबों का भोजन मक्का है। किन्तु लगता है उत्तराखंड में ब्रिटिश काल के बाद ही आया। मक्का ने उत्तराखंड की कृषि व आर्थिक स्थिति में आमूल चूल परिवर्तन ला दिया। मक्के ने ओगळ जैसे अनाज की खेती ही बंद करवा दी।
सेव
हिमाचल जैसे ही क्रिश्चियन पादरियों ने सेव रोपण 1850 में अल्मोड़ा में शुरू किया था और उत्तराखंड के कई पहाड़ी क्षेत्र में बगीचे भी लगाए थे। एक व्यापारी ने हरसिल में सेव के बगीचे भी लगाए थे (मनोज इष्टवाल की वाल से ) . किन्तु उत्तराखंड वासियों ने सेव कृषि की सदा से ही अवहेलना की। इसका मुख्य कारण है कि उत्तराखंड वासी पेट भराऊ अनाज को महत्व देते रहे हैं और जो पेड़ पांच साल में फल दे उसको कतई महत्व नहीं देते हैं।
पपीता
पपीता कृषि भी उत्तराखंड में ब्रिटिश काल में ही प्रचलित हुयी। यद्यपि पहाड़ों में पपीता कम ही उगाया जाता था किन्तु भाभर क्षेत्र में पपीता एक व्यापारिक कृषि या कैश क्रॉप है।

गोभी
गोभी के बगैर आज उत्तराखंड पर्यटन सोचना मुश्किल है। 1822 में ईस्ट इंडिया कम्पनी के डा जेम्सन ने सर्वपर्थम सहारनपुर बगीचे में उगाया। व अनुमान लगाया जाता है कि 1823 में मसूरी या देहरादून जो कि सहारनपुर डिवीजन के अंतर्गत था में भी उगाया गया। उसके बाद गोभी सारे भारत में फ़ैल गयी। गोभी उत्तराखंड की पहाड़ियों में नहीं उगाई जाती थी किन्तु भाभर क्षेत्र में गोभी ने कृषि में आर्थिक क्रान्ति लायी।
आलू
आलू भी भारत में पुर्तगाली व्यापारियों द्वारा आया किन्तु उत्तरी भारत में आलू कृषि का श्रीगणेश कैप्टेन यंग को जाता है जिसने 1823 (1820 ??) में मसूरी में सर्वपर्थम आलू उगाय। इसके पश्चात आलू शिमला होते हुए पूरे उत्तरी भारत में छा गया। . आलू ने कई पहाड़ी गाँवों ही नहीं नहीं अपितु पर्यटन भोजन में क्रान्ति ला दी थी। आज आलू के बगैर उत्तराखंड पर्यटन भोजन की कल्पना नहीं की जा सकती है।
स्क्वैश
उत्तराखंड कृषि में स्क्वैश प्रवेश भी ब्रिटिश काल की देन है। यद्यपि स्क्वैश को पहाड़ी जनता ने नहीं अपनाया किन्तु कई परिवारों हेतु स्वैश एक वैकल्पिक भोजन /सब्जी रही है।

कद्दू /खीरा /भोपड़ा Pumpkin

उत्तराखंड में ही नहीं अपितु भारत के अन्य क्षेत्रों में कद्दू की सब्जी को बार्षिक श्राद्ध में महत्वपूर्ण स्थान है तथापि यह कम ही लोग जानते हैं कि दक्षिण अमेरिका का फल कद्दू /खीरा पुर्तगाली व्यापारियों द्वारा भारत लाया गया था। कद्दू ने भी उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति को बदला था।
राजमा दाल Kidney beans

राजमा या लुब्या कृषि कब उत्तराखंड में शुरू हुयी पर कोई साहित्य उपलब्ध नहीं है। किन्तु इसमें दो राय नहीं हैं कि राजमा का प्रचार प्रसार ब्रिटिश काल में ही हुआ। राजमा ने कई गाँवों की आर्थिक स्थिति भी बदली। राजमा भात आज उत्तराखंड पर्यटन भोजन का महत्वपूर्ण भोजन है।

अमरुद
अमरुद भी पुर्तगालियों द्वारा सर्वपर्थम गोवा में सत्रहवीं सदी में लाया गया। शायद उत्तराखंड में अठारहवीं सदी में कहीं कहीं बोया भी गया होगा किन्तु प्रचार व प्रसार ब्रिटिश काल में ही हुआ होगा। भाभर क्षेत्र की कृषि आर्थिक स्थिति को बदलने का श्रेय भी अमरुद को जाता है। अमरुद भी पर्यटन विकास हेतु आवश्यक फल है।
टमाटर
टमाटर भारत में सोलहवीं , सत्तरहवीं सदी में पुर्तगाली व्यापारियों द्वारा आ गया था किन्तु उत्तराखंड में ब्रिटिश काल में टमाटर कृषि का प्रसार हुआ। भाभर क्षेत्र में टमाटर एक महत्वपूर्ण लाभदायी फल साबित हुआ।

रामबांस
रामबांस कोई अनाज या फल नहीं है किन्तु रामबांस प्रवेश ने उत्तराखंड को रेशे उत्पाद हेतु कुछ काल तक एक संबल दिया व साबुन का विकल्प के रूप में दसियों साल तक रामबांस का महत्व बना रहा। रामबांस बाड़ के लिए आज भी महत्वपूर्ण वनस्पति है।

लैन्टीना या कुरी घास
क्रिश्चियन पादरी लैन्टीना को बगीचे हेतु लाये थे किन्तु आज लैन्टीना एक आफत बन गया है।

( संदर्भ – भीष्म कुकरेती के लेख ‘उत्तराखंड की कृषि व भोजन इतिहास )

Copyright @ Bhishma Kukreti 19/4 //2018

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

Apr
18

टिहरी गढ़वाल, देहरादून के धार्मिक शटल

– टिहरी गढ़वाल व देहरादून के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल

Temples of Dehradun and Tehri Garhwal
( ब्रिटिश युग में उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म- )

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन (पर्यटन इतिहास ) 77

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand (Tourism History ) – 77

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series–181)
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग 181

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

ब्रिटिश काल संदर्भ में देहरादून में निम्न प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं -
गुरुराम राय दरबार , देहरादून
टपकेश्वर मंदिर -देहरादून
लक्ष्मण सिद्ध
भरत मंदिर ऋषिकेश

बाबा कमलीवाला क्षेत्र
वीर भद्र क्षेत्र
जगतग्राम के यज्ञ स्थल व देव स्थल
शिव मंदिर लाखामंडल
केदार मंदिर लाखामंडल
महासू मंदिर हनोल

ब्रिटिश काल संदर्भ में टिहरी गढ़वाल में निम्न मंदिर प्रसिद्ध हैं -
पुरानी टिहरी में कई मंदिर राजाओं ने निर्मित किये थे
रघुनाथ मंदिर देवप्रयाग
संगम
चंद्रवदनि मंदिर
पलेठी के सूर्य मंदिर
सुरकंडा मंदिर
कुंजापुरी बूढ़ा केदार
बालखिलेश्वर मंदिर
ज्वालामुखी
सेम मुखेम
किलकिलेश्वर
घंटाकर्ण
जाख देवता कांडा
( साभार , डा हेमा उनियाल , केदारखंड )

Copyright @ Bhishma Kukreti /4 //2018

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

Apr
18

समुद्र गुप्त काल में हरिद्वार , बिजनोर , सहारनपुर

समुद्रगुप्त शासन में हरिद्वार , बिजनौर , सहारनपुर
Ancient Samudra Gupta Gupta Era History of Haridwar, History Bijnor, Saharanpur History Part

Ancient History of Haridwar, History Bijnor, Saharanpur History Par -206

हरिद्वार इतिहास , बिजनौर इतिहास , सहारनपुर इतिहास -आदिकाल से सन 1947 तक-भाग – 206

इतिहास विद्यार्थी ::: भीष्म कुकरेती

चन्द्रगुप्त प्रथम ने अपने जीवनकाल में ही समुद्रगुप्त (340 -380 ) को योग्यता बल पर राज्य सौंप दिया था। समुद्रगुप्त को मघद व पूर्वी उत्तर प्रदेश का भूभाग मिला था। समुद्रगुप्त ने मध्य देश जीतकर फिर कामरूप , नेपाल , कर्तृपुर जीता व अपना साम्राज्य यमुना पूर्व तट तक विस्तार किया। यमुना पश्चिम में कई गणराज्य थे। कई गणराज्यों पर अधिपत्य जमकर समुद्रगुप्त ने दक्षिण की ओर विश्तार किया। समुद्रगुप्त कलिंग तक पंहुच गया था।
मध्य देश जीतना व यमुना पूर्व तट तक पंहुचने का अर्थ है कि बिजनौर , हरिद्वार व सहारनपुर समुद्रगुप्त के आधीन आ गए थे।
समुद्रगुप्त का व्यक्तित्व

समुद्रगुप्त महत्वाकांक्षी व्यक्तित्व का स्वामी था जिसके शरीर पर पर युद्ध में दसियों घाव लगे थे। याने समुद्रगुप्त लीडिंग फ्रॉम फ्रंट में विश्वास करता था. युद्ध अभिलाषी होने के बाद भी सामाजिक हितों का रक्षक था। समुद्रगुप्त संगीत प्रेमी था व कवियों का आदर करता था। उसके एक मुद्रा में उसे वीणा बजाते दिखाया गया है। उसकी प्रसस्ति पत्र का कवि महादंडनायक हरिषेण था।
दिग्विजय के पश्चात उसने अश्वमेध यज्ञ सम्पन किया जिसमे विजिट राजाओं ने भाग लिया। अश्वमेध यज्ञ अवसर पर समुद्रगुप्त ने स्वर्ण मुद्राएं प्रचारित की थीं जिनके अग्र भाग में ‘राजाधिराज पृथ्वीम वित्वा दिविजयत्याहृत ‘ व पश्च भाग में ‘अश्वमेध पराक्रम: अंकित है।
समुद्रगुप्त के प्रशस्ति पत्र व मुद्राओं से पता चलता है कि वः सुखी परिवार का स्वामी था व उसके योग्य पुत्र व योग्य पौत्र थे व सुयोग्य पुतर्वधहुएँ थी।

Copyright@ Bhishma Kukreti Mumbai, India 2018

History of Haridwar, Bijnor, Saharanpur to be continued Part –

हरिद्वार, बिजनौर , सहारनपुर का आदिकाल से सन 1947 तक इतिहास to be continued -भाग -

Ancient History of Kankhal, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Har ki Paidi Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jwalapur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Telpura Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sakrauda Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bhagwanpur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Roorkee, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Jhabarera Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Manglaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Laksar; Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Sultanpur, Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Pathri Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Landhaur Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bahdarabad, Uttarakhand ; Haridwar; History of Narsan Haridwar, Uttarakhand ; Ancient History of Bijnor; seohara , Bijnor History Ancient History of Nazibabad Bijnor ; Ancient History of Saharanpur; Ancient History of Nakur , Saharanpur; Ancient History of Deoband, Saharanpur; Ancient History of Badhsharbaugh , Saharanpur; Ancient Saharanpur History, Ancient Bijnor History;
कनखल , हरिद्वार इतिहास ; तेलपुरा , हरिद्वार इतिहास ; सकरौदा , हरिद्वार इतिहास ; भगवानपुर , हरिद्वार इतिहास ;रुड़की ,हरिद्वार इतिहास ; झाब्रेरा हरिद्वार इतिहास ; मंगलौर हरिद्वार इतिहास ;लक्सर हरिद्वार इतिहास ;सुल्तानपुर ,हरिद्वार इतिहास ;पाथरी , हरिद्वार इतिहास ; बहदराबाद , हरिद्वार इतिहास ; लंढौर , हरिद्वार इतिहास ;ससेवहारा बिजनौर , बिजनौर इतिहास; नगीना , बिजनौर इतिहास; नजीबाबाद , नूरपुर , बिजनौर इतिहास;सहारनपुर इतिहास; देवबंद सहारनपुर इतिहास , बेहत सहारनपुर इतिहास , नकुर सहरानपुर इतिहास Haridwar Itihas, Bijnor Itihas, Saharanpur Itihas

Apr
18

उत्तरकाशी के प्राचीन मन्दिर

उत्तरकाशी के प्राचीन मंदिर

Old Temples of Uttarkashi
( ब्रिटिश युग में उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म- )

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन (पर्यटन इतिहास ) 76

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand (Tourism History ) – 76

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series– 180)
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग -180

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

उत्तरकाशी के निम्न प्राचीन मंदिर प्रसिद्ध हैं -
यमुनोत्री
गंगोत्री
पोखू महाराज -नैटवाड
समेश्वर मंदिर कोटगांव व अन्य यामुन शैली के मंदिर
लव कुश मंदिर – कोटगांव
समेश्वर देव मंदिर जखोळ
कमलेश्वर -रामसेराइ
कपिल मुनि आश्रम -मुंदियाट गाँव
देवढुंगा -पुरोला
कॉलिंग नाग मंदिर – सरबडियाड़
लुद्रेश्वर – देवराड़ा डांडा
शिव गुफा -बड़कोट
भद्रकाली -पौंटी
रघुनाथ मंदिर -पुजैली
यमदग्नि ठान -थान
सोमेश्वर -खरसाली

-
(संदर्भ, व आभार डा हेमा उनियाल, केदारखंड पृष्ठ 279 316

Copyright @ Bhishma Kukreti /4 //2018

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

Apr
17

ब्रिटिश काल में हरिद्वार के प्रसिद्ध मन्दिर

ब्रिटिश काल में हरिद्वार के प्रसिद्ध मंदिर /धार्मिक स्थल

Famous Temple and Religious Places of Haridwar in British Period
( ब्रिटिश युग में उत्तराखंड मेडिकल टूरिज्म- )

-

उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म विकास विपणन (पर्यटन इतिहास ) 75

-

Medical Tourism Development in Uttarakhand (Tourism History ) – 75

(Tourism and Hospitality Marketing Management in Garhwal, Kumaon and Haridwar series–179)
उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन -भाग 179

लेखक : भीष्म कुकरेती (विपणन व बिक्री प्रबंधन विशेषज्ञ )

हरिद्वार या गंगा द्वार महाभारत काल से ही धार्मिक स्थल रहा है। हरिद्वार का नाम मध्य युग में मायापुर था। ब्रिटिश काल में हरिद्वार जनपद में निम्न मंदिरों व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की सूचना उपलब्ध है।

हर की पैड़ी -हरिद्वार
विल्वककेश्वर मंदिर — हरिद्वार
नीलेश्वर महादेव – नील पर्वत
दक्षेश्वर मंदिर -कनखल
राधाकृष्ण मंदिर —-राजघाट
मायादेवी मंदिर -हरिद्वार
मनसा देवी मंदिर -हरिद्वार
चंडी देवी मंदिर – हरिद्वार
सुरेश्वरि मंदिर – हरिद्वार
सिद्धेश्वर मंदिर – रुड़की
शिव मंदिर- पहाड़ी बजार रुड़की , काली मंदिर , आदि
पंचलेश्वर मंदिर -लक्सर
पत्थरेश्वर मंदिर -लक्सर
शिव मंदिर राम दरबार -लक्सर
शिव मठ – लंढौर

एक गुरुद्वारा भी प्राचीन मना जाता है
मुस्लिम धार्मिकस्थल
पिरान कलियर – रुड़की
काठापीर – लक्सर

(संदर्भ व साभार -डा हेमा उनियाल , केदारखंड )

Copyright @ Bhishma Kukreti 17 /4 //2018

1 -भीष्म कुकरेती, 2006 -2007 , उत्तरांचल में पर्यटन विपणन परिकल्पना , शैलवाणी (150 अंकों में ) , कोटद्वार , गढ़वाल
2 – भीष्म कुकरेती , 2013 उत्तराखंड में पर्यटन व आतिथ्य विपणन प्रबंधन , इंटरनेट श्रृंखला जारी
3 – शिव प्रसाद डबराल , उत्तराखंड का इतिहास part -6
-

Medical Tourism History Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History of Pauri Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Chamoli Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Tehri Garhwal , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Uttarkashi, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Dehradun, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Haridwar , Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Nainital Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Almora, Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Champawat Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia; Medical Tourism History Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand, India , South Asia;

Older posts «

» Newer posts

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.