Tag Archive: गढवाली कथा

Dec
19

आणाईं जाणाई रै !

आणाईं जाणाई रै ! कथा -हरि लखेड़ा , बणचुरी , उदयपुर , गढवाल – जब पता चल कि चैता बौ भी दिल्ली ऐ ग्या त मिलण कुण चल ग्यूं। चैता बौ क ड्वाला मी भी लै छे। दादा खेति बाड़ी करद छे। द्वींयूं कुण कालु अक्षर भैंस बराबर। गाँव मा सबसे बढिया पुंगडी ऊँकी परिवारम …

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