Tag Archive: फलनि

Jan
17

फलनि पादप अर ऊंक कर्म

   फलनि पादप अर  ऊंक  कर्म  चरक संहितौ सर्व प्रथम  गढ़वळि  अनुवाद     (महर्षि अग्निवेश व दृढ़बल प्रणीत  )  खंड – १  सूत्रस्थानम ,  पैलो अध्याय ८१  बिटेन  – ८५ तक  अनुवाद भाग -   ११  अनुवादक – भीष्म कुकरेती    ( अनुवादम ईरानी , इराकी अरबी शब्दों  वर्जणो  पुठ्याजोर ) – !!!  म्यार गुरु  श्री व …

Continue reading »

Copy Protected by Chetans WP-Copyprotect.