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Sep
16

शरीर जन्य शोथ ) सूजन कारण

    शरीर जन्य  शोथ ) सूजन  कारण    चरक संहितौ सर्व प्रथम  गढ़वळि  अनुवाद    खंड – १  सूत्रस्थानम ,  अठारवां    अध्याय  (  त्रिशोथीय   अध्याय,   )  ४  पद   बिटेन      तक  अनुवाद भाग -  १४१  गढ़वाळिम  सर्वाधिक पढ़े  जण  वळ एकमात्र लिख्वार-आचार्य  भीष्म कुकरेती  –  !!!  म्यार गुरु  श्री व बडाश्री  स्व बलदेव प्रसाद कुकरेती तैं  समर्पित !!!  निज …

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