Tag Archive: स्थायी भाव

Jan
24

सात्त्विक भाव का भाव

सात्त्विक  भाव  का भाव  गढवाल म खिल्यां नाटक आधारित  उदाहरण  Emotional   Sentiment  in Garhwali Dramas  ( इरानी , अरबी शब्दों क वर्जन प्रयत्न )      भरत नाट्य  शास्त्र  अध्याय – 6, 7 का : रस व भाव समीक्षा -  60  s  = आधी अ भरत नाट्य शास्त्र गढवाली अनुवाद  आचार्य  – भीष्म कुकरेती  सत्वं  नाम मन प्रभवम् …

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Dec
01

स्थायी भाव अध्याय -1

    स्थायी भाव अध्याय  -1     Sthaayi Bhava  भरत नाट्य  शास्त्र  अध्याय – 6: रस व भाव समीक्षा - 18 भरत नाट्य शास्त्र गढवाली अनुवाद शास्त्री  – भीष्म कुकरेती  – रतिहसिसश्च शोकश्च क्रोधोत्साहौ भयं तथा । जुगुप्सा विस्मयश्चेति स्थायी भावा: प्रकीर्तिता: । अध्याय 6 , 17 । स्थायी भाव आठ छन – रति, हास्य शोक , …

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