Tag Archive: Art

Apr
18

सुकई गाँव में म 1749 में निर्मित काष्ठ भवन की कला व अलंकरण

सुकई  गाँव में म 1749 में निर्मित काष्ठ भवन की कला व अलंकरण  सुकई गाँव में  भवन काष्ठ कला , अलंकरण -1 बंगार स्यूं , गढ़वाल , हिमालय  की तिबारियों/ निमदारियों / जंगलों  पर काष्ठ अंकन कला -1 Traditional House Wood Carving Art (Tibari) of  Bangarsyun , Garhwal , Uttarakhand , Himalaya -1 – गढ़वाल, उत्तराखंड , हिमालय की …

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Apr
16

ग्वील में तारा दत्त कुकरेती की तिबारी में भवन काष्ठ कला अलंकरण

  ग्वील में  तारा दत्त कुकरेती की तिबारी  में भवन काष्ठ कला अलंकरण    ग्वील (ढांगू , द्वारीखाल ब्लॉक ) गढ़वाल में तिबारी , निमदारी , जंगले  में काष्ठ  कला अलंकरण  -4 Wood carving Art on Tibari of Gweel (Dhangu) Garhwal – 4   ढांगू संदर्भ में गढ़वाल , हिमालय  की तिबारियों/ निमदारियों / जंगलों  पर काष्ठ अंकन कला – Traditional …

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Mar
28

दिवागी ( उदयपुर ) में सोहन सिंह बिष्ट की निमदारी में भवन काष्ठ कला -अलंकरण

   दिवागी ( उदयपुर ) में सोहन सिंह बिष्ट की निमदारी  में  भवन काष्ठ कला -अलंकरण  – साइकलवाड़ी /दिवांगी  में भवन काष्ठ कला /अलंकरण -2   उदयपुर  संदर्भ में गढ़वाल  , हिमालय  की तिबारियों/ निमदारियों / जंगलों  पर भवन काष्ठ अंकन कला – 9 Traditional House wood Carving Art of West Lansdowne Tahsil  (Dhangu, Udaypur, Ajmer, Dabralsyun,Langur , Shila …

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Jun
21

अरे नि चुलावो , नि चुलावो , स्या मेरि बूड सासुन बणवै छौ

अरे नि चुलावो , नि चुलावो , स्या मेरि बूड सासुन बणवै छौ – (Best of Garhwali Humor , Wits Jokes ) s =आधी अ – चबोड़ , चखन्यौ , ककड़ाट ::: भीष्म कुकरेती नै मकान बणानो बान पुरण कूड़ उजण जरूरी छौ। बिहारी ठिकदारक गढ़वळि मजदूर ऐ गे छा। समान सुमान भैर करणो पैल …

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Sep
03

व्यंग्य करण मानव प्रकृति का अंग च

Satire and its Characteristics, व्यंग्य परिभाषा, व्यंग्य गुण /चरित्र व्यंग्य करण मानव प्रकृति का अंग च (व्यंग्य – कला , विज्ञानौ , दर्शन का मिऴवाक : ( भाग 11 ) भीष्म कुकरेती व्यंग्य की सदावहार ब्वे , जड़ , खेत वास्तव मा मानव जीवन च। जीवन का दगड़ ही व्यंग्य ऐ। मानव जीवन का दगड़ …

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