Tag Archive: garhwal

Jun
05

मंदिरों , गुरुद्वाराओं के भंडारे/लंगर व भोग -प्रसाद भी भोजन पर्यटन अंग ही हैं

मंदिरों , गुरुद्वाराओं के भंडारे/लंगर व भोग -प्रसाद भी भोजन पर्यटन अंग ही हैं Bhandra, Bhog from temples are Tourism oriented भोजन पर्यटन विकास -14 Food /Culinary Tourism Development 14 उत्तराखंड पर्यटन प्रबंधन परिकल्पना – 398 Uttarakhand Tourism and Hospitality Management -398 आलेख – विपणन आचार्य भीष्म कुकरेती – अमूनन हिन्दू भारतीय पूजास्थलों में देवताओं …

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May
07

Kanta Dangwal Ghildiyal: Garhwali poetess

Kanta Dangwal Ghildiyal : Garhwali Poetess using Figures of Speech with ease (Chronological History and Review of Garhwali Poetry series -284) Review by Bhishma Kukreti Kanta Ghildiyal published three or four Garhwali poems . However, Kanta Dangwal Ghildiyal gort full praise from editor and critic Madan Duklan and poetry critic Manju Dhoundiyal for Kanta using …

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Jan
18

चिर सुंदरी भुंदरा बौ क्यांक बान व्यस्त च ?

चिर सुंदरी भुंदरा बौ क्यांक बान व्यस्त च ? खिचल्यूं द्यूर : भीष्म कुकरेती – मि – हैलो चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – मि -हैलो चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – हल्लो मि -हैलो मि बुलणु छौं चिरसुन्दरी भुंदरा बौ -पता च। मि -ये बौ सूण ! चिरसुन्दरी भुंदरा बौ – सुणा ! मि -चलती है क्या खंडाला …

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Nov
07

रामीसेरा नाम उतपति कथा

रामीसेरा नाम उतपति कथा सलाणी लोककथौं जणगरु : भीष्म कुकरेती कथा सुणाण वळ: श्री जगदीश प्रसाद शुक्ला (रामजीवाला गाँव , उदयपुर पट्टी , गढ़वाल ) या कथा आज को रामीसेरा गाँव, बदलपुर पट्टी की लोक कथा च। रामीसेरा , जहरीखाल ब्लॉक म जमीरा , धकसुन का नजिकौ गाँव च जु जहरीखाल ब्लॉक म च। इन …

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Jan
29

ब्वार्युं भजण-भगण याने कुल कलह पुराण

Best of Garhwali Humor , Wits Jokes , गढ़वाली हास्य , व्यंग्य ) – ब्वार्युं भजण-भगण याने कुल कलह पुराण – कखला बखली पंडित ::: भीष्म कुकरेती – भजण , भजाण अर बिपदा मा भजन गाण मनुष्यौ नियति च। कुल कलह याने मुख्यतया सास-ब्वार्युं तनातनी। पैल जब तीन तलाक जन विषयों पर पंडित , पादरी …

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