Geetesh Singh Negi

Author's details

Name: Geetesh Singh Negi
Date registered: August 29, 2013
URL: http://geeteshnegi.blogspot.in/

Biography

मूलतः महर गावं मल्ला ,पट्टी कोलागाड ,पौड़ी गढ़वाल से शिक्षा : M.tech (Applied geophysics ) व्यवसाय : तेल एवं गैस अन्वेषण तथा अनुसन्धान क्षेत्र की अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी में भू-भौतिकविद पद पर कार्यरत रूचि : कविता पाठ ,लेखन,सांस्कृतिक -सामाजिक-शैक्षिक व युवा जागरूकता सम्बन्धी गतिविधियाँ रचना संसार : " घुर घूघुती घूर " गढ़वाली काव्य संग्रह (अप्रकाशित ) " उदंकार " " गढ़वाली काव्य संग्रह (अप्रकाशित ) विश्व प्रसिद्ध कविताओं का गढ़वाली अनुवाद (श्रृंखला जारी ) गढ़वाली गीत संग्रह (रचनाक्रम जारी ) गढ़वाली कहानी संग्रह ( रचनाक्रम जारी) हिन्दी काव्य संग्रह (रचनाक्रम जारी )

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  1. गढ़वाली हास्य व्यंग्य लेख : जबान (गीतेश सिंह नेगी ,मुंबई ) — July 4, 2014
  2. गढ़वाली हास्य व्यंग्य लेख : कुकुर अर समाजवाद — July 3, 2014
  3. गढ़वाली हास्य व्यंग लेख : भगीरथ (हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,Mumbai ) — June 15, 2014
  4. गढ़वाली हास्य व्यंग लेख : जुगाड (चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी , मुम्बई ) — June 8, 2014
  5. ” कतील शफ़ाई ” की शायरी का गढ़वाली भाषा अनुवाद — May 23, 2014

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  1. हे हिमाला अब त जाग : A Garhwali song calling for a new jan -Andolan in Uttarakhand — 2 comments
  2. विश्व प्रसिद्ध कवियौं क़ि गढ़वाली अनुदित कविताएँ : मोह ( सुमित्रानंदन पन्त ) — 2 comments

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Jul
04

गढ़वाली हास्य व्यंग्य लेख : जबान (गीतेश सिंह नेगी ,मुंबई )

जबान (हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,मुंबई ) ना स्वाणु सरैल ना लारा लत्ता द्यखण मा मासै एक छ्वट्टि सी लुथगी , बिना हड्गी एक लुतपुति सी जान अर नौ देखा धौं बल जबान ,स्वादै चटोर्या अर छ्वीं-बत्थौं खदान ,जब चलद त फिर रुक्दी नि अच्छा -अच्छौं छक्का छुडान्द या जबान …

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Jul
03

गढ़वाली हास्य व्यंग्य लेख : कुकुर अर समाजवाद

कुकुर अर समाजवाद (हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,मुंबई ) कुकुर अर आदिमौ दगडू कुई आजै बात नि च यू साब बल लगभग तैतीस हजार साल पुरणु रिश्ता च ,तब भटेय कुकुर बिन आदिमौ अर आदिम बिन कुकुरौ काम नि चलदु,कब्बि आदिम ऐथर -ऐथर त कुकुर पैथर -पैथर त कब्बि कुकुर …

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Jun
15

गढ़वाली हास्य व्यंग लेख : भगीरथ (हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,Mumbai )

भगीरथ (हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,Mumbai) धरती बल ७१ % पाणिळ ढकीं च ,समोदर बी ९६.५ % खारु पाणि लेकि उछ्ल्णु च ,जाणकार लोग बुल्दीन बल धरती प्याट कुल १.७ % पाणि सम्युं च ,अब सुणा असल बात कुल २.५ % पाणि ही साफ़ पाणि च अर ये मदेै ०.३ …

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Jun
08

गढ़वाली हास्य व्यंग लेख : जुगाड (चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी , मुम्बई )

गढ़वाली हास्य व्यंग लेख : जुगाड (चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी , मुम्बई ) जुगाड (चबोड़्या -चखन्यौर्या – गीतेश सिंह नेगी ,मुम्बई ) परसी दफ्तर मा भारतै बौद्धिक सम्पदा फर बहस हूँणी छाई ,ये विषय फर सब्बि बुद्धिजीवी अप्डा -अप्डा हिसाबळ बौद्धिक जुगाली करण फर लग्यां छाई ,बहस इत्गा जोरदार ढंग से चलणी छाई …

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May
23

” कतील शफ़ाई ” की शायरी का गढ़वाली भाषा अनुवाद

विश्व प्रसिद्ध कवियों की कविताओं का गढ़वाली भाषा अनुवाद श्रृंखला  ” कतील शफ़ाई ” को सादर समर्पित उनकी एक शायरी  का गढ़वाली भाषा अनुवाद                     अनुवादक : गीतेश सिंह नेगी ,मुम्बई मेहरबानी से अगर पेश बी अैंय कुछ लोग घाम मा लिबटयूँ छैल सी  दे ग्यीं कुछ लोग मिल अवाज उठै छाई रिवाजौंऽ खिलाफ बरछा …

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