Ghughuti

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Name: Ghughuti
Date registered: January 16, 2013
URL: http://www.bedupako.com

Biography

Ghughuti is not merely a bird or song for us, it's an intense call for the souls & hearts who have either forgotten their roots or somehow not able to connect to their origin. On Bedupako blog, Ghughuti brings creativity, extensive contemplation, thinking, knowledge and much more through his articles. Ghughuti is a writer and a reader, both fronts are served to bring issues that somehow are lost in fast life of current time. Hope you like these articles and leave your frank feedback to help Ghughuti improve them further in terms of content and overall satisfaction.

Latest posts

  1. Farming in Uttarakhand — February 1, 2013
  2. Failure of Gardening in Uttarakhand — February 1, 2013
  3. Apathy Towards Animal Husbandry in Uttarakhand — February 1, 2013
  4. Love for Birds Vanishing: Uttarakhand Perspective — January 22, 2013
  5. Jab Banali Dhur Bhanjaka Tab Jaali — January 16, 2013

Most commented posts

  1. Farming in Uttarakhand — 2 comments

Author's posts listings

Feb
01

Farming in Uttarakhand

A -वन्य जन्तुओ का आतंक 1 -बोई फसल का चुगान 2 -तैयार फसल की बर्बादी 3-कंदमूल के साथ आवास को भी नुकसान 4-मानव और वन्य जन्तुओ में संघर्ष 5-खेती से होता मोहभंग 6-पहरेदारी में समय की बर्बादी B -सिचाई सुविधा का आभाव 1-मौनसून वर्षा चक्र का असंतुलन 2-मानसूनी वर्षा जल का प्रबन्धन न होना 3-उपलब्ध …

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Feb
01

Failure of Gardening in Uttarakhand

A -बाजार का आभाव 1-विशेषता के आधार पर बाजार तय न होना 2-स्थानीय स्तर पर मंडी का आभाव 3-परिवहन लागत में वृद्धि 4-महानगरों तक न पहुंच पाना 5-सहकारिता का आभाव B -कोल्ड स्टोरेज का आभाव 1-फलों का सड़ना (पेड़ों और गोदाम में ) C -खाघ्य प्रसंस्करण 1-ज्ञान का आभाव 2-फलों की बर्बादी 3-प्रसंस्कृत करके ब्रांड बनाने …

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Feb
01

Apathy Towards Animal Husbandry in Uttarakhand

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A -उन्नत पशुओ का आभाव 1-दुग्ध उत्पाद में कमी 2-पशुपालन की रूचि में कमी 3-समय की बर्बादी 4-शोधो का अभाव B-चारा प्रबन्धन का आभाव 1-वनों की तरफ रुझान के चलते चारे कमी 2-खेती  की तरफ रुझान के चलते चारे कमी 3-चारे की गुणवत्ता में ध्यान न देना 4-चारे की उन्नत  पैदावार और गुणवत्ता परक प्रजाति का सीमित होना 5-कम …

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Jan
22

Love for Birds Vanishing: Uttarakhand Perspective

Ghughuti Uttarakhand

कुछ वनस्पतियाँ प्राकृतिक रूप से इस प्रकार से पाई जाती है जिनका पुनरुत्पादन बिना पक्षियों के उनके बीज  को उदरस्थ किये हुए विंत नहीं हो सकता ,ऐसी  प्रजातियाँ पक्षियों के बीट  से उत्पन्न बीजों से ही उत्त्पन्न होते है ,इनमे मुख्यतः पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाला भीमल ,दाडिम ,पीपल ,बरगद आदि प्रमुख है. हमारे पूर्वकालिक ग्रामीण जीवन में …

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Jan
16

Jab Banali Dhur Bhanjaka Tab Jaali

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जब बनाली धुर बांजाका तब बांजाका धुर जाली जब लागली बोठ बांजाका तब फुटली बज्याणी बाजाँ का यो धुर जंगला वै मिललो हाव पाणी जेठ-बैशाखा घाम लागला तब काँ खाली हाव पाणी बाँजा धुरा घा काटली वें मिललो ठंडो-ठंडो हाव पाणी हरी भरी घुर बांजाका घास चरला त्यार गोरु-बाछा जब झड्ला पात बांजाका त्यार खादाका …

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