Suresh Pant

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Name: Suresh Pant
Date registered: August 28, 2012
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Latest posts

  1. काश, केदारनाथ का वह कुंड न दबा हो ! — June 29, 2013
  2. गुमानी की जन्म तिथि — May 8, 2013
  3. अभी बहुत कुछ है, अगर बची है होली .. — March 27, 2013
  4. गुमानी जी की जन्मतिथि — March 10, 2013
  5. तुम होते आज गुमानी … !! — March 9, 2013

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  1. हिंदी साहित्य का इतिहास और ‘गुमानी’ — 13 comments
  2. पहाडी भाषाएँ : प्रश्न अस्तित्व का — 11 comments
  3. A Hard Truth : Kumaoni and Garhwali Languages are Endangered — 11 comments
  4. बेदखली का दर्द — 3 comments
  5. किस्सा एक अदद गाली का — 1 comment

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Jun
29

काश, केदारनाथ का वह कुंड न दबा हो !

मेरी केदारनाथ की यादें कोई आधी सदी पुरानी हैं पर आज भी ताज़ा हैं | अगस्त्यमुनि से पैदल यात्रा, लगभग ३०००’ से ११५००’ तक की धीरे धीरे कठिन और दुर्गम होती चढाई जिसका अंतिम चरण तो यात्री के धैर्य और ऊर्जा की परख होता था | आज कौन विश्वास करेगा कि तब केदारनाथ में रात …

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May
08

गुमानी की जन्म तिथि

gumani

गुमानी जी की जन्मतिथि गुमानी जी के बारे में आज जो भी सामग्री मिलती है , उसमे उनकी जन्म तिथि सम्वत १८४७ ,कुम्भार्क २७ गाते, बुधवार कहकर फरवरी सन १७६० बताई जा रही है | इसमें कुछ गडबड है ! सच है कि तब सन/तारीख़ का चलन नहीं था, पर एक प्रकार के कलेंडर को …

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Mar
27

अभी बहुत कुछ है, अगर बची है होली ..

एक किसान था. खेत पर काम करते दोपहर हो गई तो पोटली खोलकर रोटी खाने लगा. साथियों ने देखा तो बोले, “सूखी रोटी खा रहे हो, नमक मिर्च ही ले लेते.” किसान ने कहा, “इन सब के बारे में सोच लेता हूँ, तो वही स्वाद आ जाता है!” आज होली पर्व की भी यही हालत …

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Mar
10

गुमानी जी की जन्मतिथि

गुमानी जी के बारे में आज जो भी सामग्री मिलती है , उसमे उनकी जन्म तिथि सम्वत १८४७ ,कुम्भार्क २७ गाते, बुधवार कहकर फरवरी सन १७६० बताई जा रही है | इसमें कुछ गडबड है ! सच है कि तब सन/तारीख़ का चलन नहीं था, पर एक प्रकार के कलेंडर को दूसरे में बदला तो …

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Mar
09

तुम होते आज गुमानी … !!

gumani

गुमानी और अंग्रेजी राज आज का उत्तराखंड सन १८१५ में अंग्रेज़ी साम्राज्य का अंग बना, तब गुमानी २५ वर्ष के थे | अल्मोड़ा में बसने – थिराने में अंग्रेजों को ४-५ साल और लगे होंगे | यही वह समय था जब गुमानी अपनी माँ के कहने पर अपनी घुमक्कडी-साधना से विरत होकर फिरसे गृहस्थी बने …

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