Tag Archive: यह सच्ची घटनाओं पर आधारित एक साधन हीन पहाड़ी की कहानी है.

May
07

हरक सिंह नयाल

हरक सिंह नयाल उर्फ सफेदा दिल्ली-बागेश्वर की बस में पीछे की सीट पर बैठा खिडकी से बाहर एकटक देख रहा था. वह सैकड़ों बार यहीं से अपने गावं के लिये रवाना हो चुका था पर पहले की तरह उसे आज बस के चलने की कोई जल्दी नहीं थी, आज उसे बस अड्डा अजीज लग रहा …

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