***बोर्ड इम्तहान*** सळ इनैं सळ फुनैं भैर-भितर दौडा-दौड़ पटासुल्कणि अर छित्यकी धारा एक सौ चवालीस. ***पुलिस*** कठबांस मांकी-धीकी आंसू गैस तैड़ गोली अर मैना-मैना च्या पाणि. ***पाणि विभाग**** फ्री टोंटी यकुल्य़ा बाण ब्लीचिंग पौडर अर माछयों कु सुरा. ***सरकारि अस्पताळ*** भैर बंगला भितर कंगला सफ़ेद गोळी अर सफ़ेद गुबारा. ***दारू*** पीणु-पिलाणु लड़णु-झगडणु बकणु-बहकणु लटगिणु-फरकिणु निकमी …
Tag Archive: Bhishma Kukreti
Jul
15
वो बात अलग च – एक लघु गढवाली कथा
– डागटर साब नमस्कार - – नमस्ते – कनै बटि सिद्धांत ? – यूनिवर्सिटी बटि – आपन त गढवळि भाषा पर डागटरी करी छै – हाँ – अच्गाल क्या कन्ना छन आप? – पढ़ाणु छौं – क्या गढवळि ? – न न जि ना – किलै ? – गढवळि बि क्वी पढाणै चीज च –पण …
Jul
15
बिन कांडों का नि खिल्दा गुलाब: गढ़वाली कविता
डॉ नरेन्द्र गौनियाल..सर्वाधिकार सुरक्षित बिन कांडों का नि खिल्दा गुलाब,मि जणदु छौं. पण अपणा नसीब मा फूल ना,सिर्फ कांडा छन… सुपिना त सुपिना ही च,असलियत से दूर. ऊ नि आंदा असल मा त,स्वीणों मा सही… वक्त की रफ़्तार तै,समझणु च जरूरी. यु कमवख्त वक्त,कैका बाना रुक्दू नी… कब तक रैलि इनि दूर,अन्ध्यरा का सहारा. उज्यल़ा …
Jul
14
उखैक फिकर- एक गढ़वाली कविता
इन त नी च कि वूं थे वखे फिकर नी च नेतओं कि फिकर च कै गोऊँ कथ्गा बामण कथ्गा जजमान कति भोट म्यारा कति भोट त्यारा चुनओ जित्णइ फिकर भाषण पर भाषण ससतू करी द्यूंला राशण अंधेरा रौलों, कूणा-कुमचेर बिजली का खम्बा-तार पोंछये दिउंला (उज्यले गारंटी हमारी नी च ) जीप घुमइकी, धुलु उड़े …



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