Tag Archive: Garhwali Language

Sep
10

Bharat Nirmaan!!!

भारत निर्माण !!! ६५ सालों बिटी राज पाट तुमारो, फेर अज्युं तलक रयाँ कन अजाण, अचणचक निंद कनि टुट य तुमरि, जु कन लग्याँ भारत निर्माण ?? साख्यों बिटी त लबड़खंड हि छाया, अफ़ि धरीं छै सैरि मुल्कौ माया, अपणा पुट्गा क्य छिकै यलिन, जु जनता पुट्गा खुणि कानून ऐ ग्याया ? क़ानून त जरुर …

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Sep
09

“घंग्तोल अर दद्दि”

दगिड्यो, आज फेसबुकै कनि बौल अयीं च, हम सब्बि जणणा छाँ, जै थैं जबि मौका लगणु, कुच्ये जाणू फेसबुक पर।  ब्यालि मिन एक अपडेट पढ़ी, कैन गौं मा डल्युं छौ कि भारै जै का गोर होला, हमरा पुंगड़ा उज्याड़ खाणा छन, जैं बि मौ क छन, लि जावा निथर हमुन गुठ्ये दीणन। द्वी-चार मिनट मा …

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Sep
06

Saabdhan, Mero Muluk, Saabdhaan

साबधान, मेरु मुलुक, साबधान !!!! दगिड्यो, आज फेर मुल्कौ आवाहन कनु छौं, इन्टरनेट द्वारा उपलब्ध ये सामाजिक माध्यम द्वारा। हम्थैं नयु राज्य मिलि अब १३ साल ह्वै ग्येनि पण हमरि स्तिथि जख्यातखि च, राज्य बणु छौ पहाडों क वास्ता पण पाडों मा हि कुच नि ह्वै। आज बगत बुनु च कि एक हैंकु आंदोलन चयेणु …

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Sep
04

jaingunu

“जैंगुणु”(जुगनू)  ईं अंध्येरि रातम दयु जलै कु बैठ्युं च? ह्वै यनु चक्रचाल अगास म, लुकि ग्येनि जून अर गैणा, सूढ़-बथों यनु ऐ धरति म, दयुवा कखि बल्याँ नि दिख्येणा, पण यनि बकिबात म बि उज्यलु बलै कु बैठ्युं च? ईं अंध्येरि रातम दयु जलै कु बैठ्युं च? अगास म धै लगै-लगै, अगास म रै घिरये-घिरये, डरोणा, सुणोंणा …

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Sep
03

Bholai bhol dikhye Jaali!!

  भोलै सोचि मि डरु किलै, भोलै, भोल हि दिख्ये जालि, अबि ह्वै जौं अध्म्वरु किलै? काम-धाणी आजै बचिं अबि, जरा वे निमाडि ल्या त पैल, सुबेरो घाम ऐ नि कखि, तुम दिखण लग्याँ अछेल, जै गौं मिन जाण हि नि, वेकु बाटु मि हयरु किलै? भोलै सोचि मि डरु किलै, भोलै, भोल हि दिख्ये जालि, …

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